Chandigarh Property Dealer Murder Case: कैथल में पुलिस एनकाउंटर, दोनों शूटर गिरफ्तार

Chandigarh Property Dealer Murder Case: चंडीगढ़ में हुए सनसनीखेज प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हरियाणा के कैथल जिले में पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर दोनों मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजन उर्फ पियूष पहलवान (फिरोजपुर निवासी) और प्रीतम शाह (नवांशहर निवासी) के रूप में हुई है। दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है और इन पर कई मामलों में केस दर्ज हैं।
एनकाउंटर के दौरान क्या हुआ
पुलिस टीम जब आरोपियों को पकड़ने पहुंची, तो उन्होंने भागने की कोशिश में फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए। इसके बाद उन्हें मौके पर ही काबू कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक और हथियार भी बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी राजन हाल ही में अवैध तरीके से विदेश से भारत लौटा था।
CCTV से खुला पूरा मामला
हत्या की पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि हमलावर पहले कार के कंडक्टर साइड से फायरिंग करता है और फिर ड्राइवर साइड पर जाकर गोलियां चलाता है। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक पर फरार हो जाते हैं। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उनकी लोकेशन ट्रेस कर कार्रवाई की।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम
बुधवार दोपहर सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर जिम से निकलकर अपनी कार में बैठ रहे थे। इसी दौरान दो युवक बाइक पर पहुंचे। दोनों ने हेलमेट पहन रखा था ताकि पहचान छिपाई जा सके। पहले आरोपी ने कार के पास पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जब पीड़ित ने बचने की कोशिश की, तो दूसरे एंगल से भी गोलियां चलाई गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद नजदीक से करीब एक दर्जन गोलियां दागीं। गंभीर रूप से घायल प्रॉपर्टी डीलर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस ने पूरे चंडीगढ़ में सनसनी फैला दी थी। घटना के कुछ समय बाद ही एक कुख्यात गैंगस्टर ने सोशल मीडिया के जरिए इस हत्या की जिम्मेदारी ली। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया और तेजी से जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और खुफिया इनपुट के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।






