हरियाणा विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, काले कपड़ों में पहुंचे विधायक; सफाई कर्मियों और युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा

चंडीगढ़, 27 अगस्त: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा भवन की ओर पहुंचे। इस दौरान विधायकों के हाथों में अलग-अलग मुद्दों से जुड़े पोस्टर नजर आए। प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने सरकार से सफाई कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने और प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने की मांग उठाई।
कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पेपर लीक, बेरोजगारी और राम मंदिर में चोरी जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। विधानसभा सत्र शुरू होने से ठीक पहले हुए इस प्रदर्शन को विपक्ष की सरकार को घेरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
काले कपड़ों में विधानसभा पहुंचे विधायक
कांग्रेस विधायकों ने काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान विधायकों के हाथों में ऐसे पोस्टर थे, जिन पर ‘सफाई कर्मचारियों की मांग पूरी करो, युवाओं को रोजगार दो’ जैसे संदेश लिखे हुए थे।
कांग्रेस का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की मांगों और युवाओं के रोजगार जैसे विषय सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े हैं। पार्टी इन मुद्दों को विधानसभा के भीतर भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
पेपर लीक को लेकर भी सरकार पर निशाना
कांग्रेस ने प्रदेश में पेपर लीक के मामलों को लेकर भी सरकार को घेरने की कोशिश की। पार्टी का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंका युवाओं के भरोसे को प्रभावित करती है। इसलिए परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की जरूरत है।
राम मंदिर में चोरी का मुद्दा भी प्रदर्शन में शामिल
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने राम मंदिर में चोरी के मुद्दे को भी उठाया। पार्टी ने इस मामले को लेकर सरकार से जवाब और कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सरकार को गंभीरता से जवाब देना चाहिए।
पहले ही तय कर चुकी है कई मुद्दे उठाने की रणनीति
विधानसभा सत्र से एक दिन पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में बैंकिंग मामलों, कथित घोटालों, कौशल रोजगार निगम, कानून-व्यवस्था, गुरुग्राम जलभराव, किसानों के मुआवजे, स्मार्ट मीटर, बिजली के निजीकरण और कर्मचारियों की मांगों समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई थी।
ऐसे में विधानसभा के बाहर हुआ कांग्रेस का प्रदर्शन सत्र के दौरान विपक्ष के आक्रामक रुख का संकेत माना जा रहा है।







