हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 2026 : चढ़ावा चोरी और जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर कांग्रेस का हल्लाबोल, काले कपड़ों में विधानसभा पहुंचे विधायक

हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 2026 : हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। काले कपड़े पहनकर विधानसभा भवन की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस विधायकों ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, नीट आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों पर कार्रवाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने विधायकों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मार्च रोकने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें कई विधायकों को चोटें आईं।
‘चढ़ावा चोर कहां मिलेंगे…’ के नारों से गूंजा मार्च
विधानसभा की ओर बढ़ रहे कांग्रेस विधायकों ने ‘चढ़ावा चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए जांच में किसी भी स्तर पर पक्षपात नहीं होना चाहिए।
पुलिस कार्रवाई पर भड़के हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उनके मुताबिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वालों पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि जिस तरह पुलिस ने उन्हें और कांग्रेस विधायकों को धक्का दिया, उससे ऐसा महसूस हुआ जैसे सरकार ने पुलिस की वर्दी में गुंडे भेज रखे हों।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े किए। पार्टी के अनुसार, जून 2026 की शुरुआत में आरोप सार्वजनिक होने के बाद 13 जून को एसआईटी गठित की गई। कांग्रेस का दावा है कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को आई, जबकि एफआईआर 25 जून को दर्ज हुई।
हुड्डा ने सवाल उठाया कि आरोप सामने आने के बाद कार्रवाई में देरी क्यों हुई और क्या इस देरी से साक्ष्यों के प्रभावित होने की संभावना पैदा नहीं हुई।
कांग्रेस ने जांच में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कथित खामियों को लेकर भी सवाल किए। पार्टी के अनुसार, गिनती प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा गार्ड, फ्रिस्किंग, पॉकेट रहित कपड़ों और लंबे समय तक सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने जैसी व्यवस्थाओं को लेकर एसओपी का पालन नहीं हुआ।
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में इतनी कमियां थीं तो जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
जंतर-मंतर पर छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने नीट आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।
हुड्डा ने कहा कि छात्रों के आंदोलन से जुड़े मामले में पहले शिकायत दर्ज करने में कथित तौर पर दिक्कतें आईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हस्तक्षेप और विरोध के बाद एफआईआर दर्ज हुई।
कांग्रेस ने मांग की कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के मामलों की निष्पक्ष जांच हो और जिन विद्यार्थियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उनकी भी समीक्षा की जाए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया छात्रों की जीत
हुड्डा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यदि नैतिक जिम्मेदारी पहले ही स्वीकार कर ली जाती तो छात्रों को आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ता।
कांग्रेस ने छात्रों से माफी मांगने और कथित लाठीचार्ज व पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई।
पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमला
कांग्रेस ने हरियाणा और देश में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
हुड्डा ने दावा किया कि हरियाणा में अलग-अलग भर्ती और परीक्षा से जुड़े 30 से अधिक पेपर लीक मामलों का इतिहास रहा है। उन्होंने HCS, CET, पुलिस भर्ती, ग्राम सचिव, क्लर्क, HTET समेत कई परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की।
कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भी पेपर लीक को गंभीर समस्या बताते हुए दावा किया कि इससे करोड़ों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। पार्टी के मुताबिक सीमित सरकारी नौकरियों के लिए बड़ी संख्या में युवा आवेदन करते हैं, ऐसे में परीक्षा में गड़बड़ी युवाओं के लिए बड़ा संकट बन जाती है।
कांग्रेस ने सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष का ऐलान किया
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को केवल विधानसभा के बाहर प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखेगी। पार्टी राम मंदिर चढ़ावा मामले, छात्रों पर कार्रवाई और पेपर लीक जैसे विषयों को विधानसभा में भी उठाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इन मामलों में तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए और जहां जांच या कार्रवाई में कमी सामने आती है, वहां जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
पृष्ठभूमि: सत्र से पहले विपक्ष ने तय की थी रणनीति
विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें बैंकिंग मामलों, कथित घोटालों, कौशल रोजगार निगम, कानून-व्यवस्था, गुरुग्राम जलभराव, किसानों के मुआवजे, स्मार्ट मीटर, बिजली के निजीकरण और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई थी।
इसके बाद पहले ही दिन काले कपड़ों में विधानसभा मार्च के जरिए कांग्रेस ने संकेत दिया कि पूरे सत्र के दौरान विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने वाला है।







