Haryana : किसान की सोच ही प्रदेश की नीति तय करती है, कृषि बजट में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी – CM नायब सिंह सैनी

Haryana : हरियाणा के समग्र कृषि विकास, किसानों की आय में वृद्धि तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से वीरवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर बजट-पूर्व परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता CM नायब सिंह सैनी ने की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि विशेषज्ञों, प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न हितधारकों से आगामी बजट 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए।
कृषि को मिलेगी बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता
CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर नीतियाँ बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी बजट में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में कृषि क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। “असली भारत गांवों में बसता है और हरियाणा की पहचान दूध-दही, मेहनतकश किसानों और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है। इसी कारण राज्य के बजट में कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा।
किसान के बेटे होने के नाते खेती की पीड़ा को समझता हूँ : CM
CM सैनी ने कहा कि यह बैठक उनके लिए भावनात्मक रूप से भी विशेष है, क्योंकि वे स्वयं किसान के बेटे हैं और खेती-बाड़ी की चुनौतियों को नजदीक से समझते हैं। उन्होंने कहा, “अन्नदाता केवल अन्न उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हमारी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का संवाहक भी है।”
पिछले बजट में किसानों के 99 सुझाव हुए शामिल
CM सैनी ने पिछली बजट-पूर्व परामर्श बैठक का उल्लेख करते हुए बताया कि 9 जनवरी 2025 को आयोजित बैठक में किसानों और विशेषज्ञों से 161 सुझाव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 99 महत्वपूर्ण सुझावों को बजट 2025-26 में शामिल किया गया। इन सुझावों के आधार पर सरकार ने कृषि क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और व्यावहारिक निर्णय लिए, जिनका सीधा लाभ किसानों तक पहुँचा।
नकली बीज रोकथाम के लिए सख्त कानून
CM सैनी ने बताया कि किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए नकली बीज की रोकथाम के लिए सरकार ने सख्त कानून बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसके साथ ही— मोरनी क्षेत्र के लिए विशेष कृषि एवं बागवानी कार्य योजना तैयार की गई। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु योजनाओं को और मजबूत किया गया। “मेरा पानी–मेरी विरासत” योजना के अंतर्गत अनुदान राशि बढ़ाई गई, जिससे जल संरक्षण और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन मिला।
मंडियों का नवीनीकरण और नई कृषि सुविधाएँ
किसानों के सुझावों के अनुरूप सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें शामिल हैं—सभी मंडियों का नवीनीकरण,सभी फसलों के लिए गेट पास प्रणाली लागू करना,प्रत्येक जिले में बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना,नए उत्कृष्टता केंद्रों का निर्माण सभी जिलों में बागवानी मिशन का विस्तार
पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध क्षेत्र को मिला बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए—पशुधन बीमा योजना के दायरे का विस्तार किया गया। सफेद झींगा उत्पादन की लागत घटाने के लिए सोलर तकनीक को बढ़ावा दिया गया।
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना लागू की गई
दूध संग्रह केंद्रों, हर-हित स्टोर और नए वीटा बूथों की स्थापना की गई। इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने में उल्लेखनीय मदद मिली है।नई तकनीक और अनुसंधान से ही सुरक्षित होगा कृषि का भविष्य। CM नायब सिंह सैनी ने कृषि वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे ऐसी नई तकनीकों पर अनुसंधान करें, जिनसे किसानों को कम लागत में अधिक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि आज का युवा किसान आधुनिक तकनीक के साथ खेती करना चाहता है, इसलिए कृषि अनुसंधान को युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप दिशा देना समय की मांग है। साथ ही, वैश्विक स्तर पर प्रचलित आधुनिक कृषि तकनीकों को हरियाणा की कृषि व्यवस्था में अपनाने के लिए ठोस और व्यवहारिक योजनाएँ बनाने पर जोर दिया।
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कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 9,296 करोड़ रुपये का बजट
CM नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में कृषि एवं संबद्ध विभागों के लिए 9,296 करोड़ 68 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति और नीयत की असली परीक्षा तभी होती है, जब योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचे।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष प्राप्त सुझाव और भी अधिक व्यावहारिक, गुणवत्तापूर्ण और दूरदर्शी हैं तथा कृषि क्षेत्र के विकास के लिए बजट में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
चैटबॉट के माध्यम से भेज सकते हैं सुझाव
CM नायब सिंह सैनी ने किसानों और सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे आगामी 8 से 10 दिनों के भीतर अपने सुझाव सरकार के चैटबॉट के माध्यम से साझा करें। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा में बजट 2026-27 प्रस्तुत किया जाएगा, तो जिन हितधारकों के सुझाव बजट में शामिल होंगे, उन्हें बजट भाषण सुनने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रत्यक्ष साक्षी बन सकें।






