DDU Gorakhpur: छात्रों के प्रदर्शन के बीच दारोगा की कथित धमकी का वीडियो वायरल, बोले- ‘इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा’

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) में छात्रों का आंदोलन अब एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आ गया है। प्रशासनिक भवन के सामने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को हटाने की कोशिश के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। इसी दौरान एक दारोगा का कथित धमकी भरा वीडियो सामने आया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दारोगा छात्रों से सख्त अंदाज में बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कथित तौर पर वह कहते सुनाई देते हैं—“इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा… जान नहीं रहे हो, ये गोरखपुर पुलिस है।” वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है।
प्रशासनिक भवन से छात्रों को हटाने पहुंचा अमला
मामला 8 सितंबर की दोपहर करीब 2 से 3 बजे का बताया जा रहा है। DDU के प्रशासनिक भवन परिसर में कुछ छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना और भूख हड़ताल कर रहे थे।
इसी दौरान विश्वविद्यालय के एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय पुलिस बल और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। छात्रों को परिसर से हटाने और आंदोलन समाप्त कराने को लेकर बातचीत की गई।
हालांकि, छात्रों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई और स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई।
कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की का आरोप
मामला बढ़ने पर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच नोकझोंक की स्थिति बन गई। इस दौरान धक्का-मुक्की होने की भी बात सामने आई है।
स्थिति बिगड़ती देख एडिशनल प्रॉक्टर को पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की मदद से वहां से बाहर निकाला गया। सामने आए वीडियो में उन्हें परिसर से बाहर जाते हुए देखा जा सकता है, जबकि पुलिसकर्मी और सुरक्षा कर्मचारी उनके आसपास नजर आ रहे हैं।
बाद में उन्हें सुरक्षित तरीके से उनके कार्यालय तक पहुंचाया गया।
हंगामे के बीच रिकॉर्ड हुआ दारोगा का वीडियो
इसी घटनाक्रम के दौरान पुलिस के एक दारोगा का वीडियो रिकॉर्ड हो गया। वायरल क्लिप में वह आंदोलन कर रहे छात्रों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं।
वीडियो में कथित तौर पर दारोगा की ओर से बल प्रयोग और अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाने की बात कही गई है। “ये गोरखपुर पुलिस है” वाला उनका कथित बयान भी वीडियो के वायरल होने की प्रमुख वजह बना हुआ है।
हालांकि, वायरल वीडियो को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई या स्पष्टीकरण की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
25 अगस्त से चल रहा है छात्रों का आंदोलन
DDU में छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन अचानक शुरू नहीं हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार छात्रों ने 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने धरना शुरू किया था।
छात्र विश्वविद्यालय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रख रहे हैं। छात्र नेताओं सतीश प्रजापति और उज्जवल सिंह का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
5 सितंबर से भूख हड़ताल में बदला धरना
लगातार चल रहे धरने के बाद 5 सितंबर से आंदोलन को भूख हड़ताल में बदल दिया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों से बातचीत कर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश की गई।
8 सितंबर को इसी सिलसिले में एडिशनल प्रॉक्टर छात्रों के बीच पहुंचे थे। छात्रों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद बहस बढ़ी और कुछ छात्रों के प्रॉक्टर की ओर बढ़ने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया।







