हरियाणा के IAS अधिकारी आरके सिंह गिरफ्तार, 79 करोड़ रुपये के फंड घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़। हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े वित्तीय घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये के सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में की गई है। आरके सिंह उस समय नगर निगम पंचकूला के आयुक्त के पद पर तैनात थे, जब यह पूरा मामला सामने आया था। जांच एजेंसी के अनुसार, नगर निगम के खाते से सरकारी धन के लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। इस मामले में हरियाणा सरकार पहले ही आरके सिंह को निलंबित कर चुकी है।
बैंक खाते के जरिए सामने आया फंड घोटाला
सीबीआई जांच में सामने आया है कि पंचकूला नगर निगम का एक बैंक खाता नियमों के विपरीत तरीके से संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि खाते से जुड़े दस्तावेज इस प्रकार तैयार किए गए थे जिससे बाद में होने वाले संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को छिपाया जा सके। जांच एजेंसी का दावा है कि बैंक अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की कथित मिलीभगत से बड़ी राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के नाम पर खाते से निकाला गया, लेकिन वास्तविक रूप से कोई एफडी नहीं बनाई गई।
करोड़ों रुपये शेल कंपनियों तक पहुंचे
जांच में यह भी सामने आया कि निकाली गई राशि को विभिन्न शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन कंपनियों का संचालन कौन कर रहा था और धन का अंतिम उपयोग कहां किया गया। सीबीआई का मानना है कि यह मामला केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यापक वित्तीय अनियमितताओं का नेटवर्क शामिल हो सकता है।
504 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, यह मामला हरियाणा के विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का हिस्सा है। जांच में सामने आया कि कई विभागों के फंड को कथित रूप से फर्जी एफडी और डेबिट नोट्स के जरिए निकाला गया। पंचकूला नगर निगम से संबंधित मामले में लगभग 79.46 करोड़ रुपये के दुरुपयोग की जांच की जा रही है। वहीं पूरे नेटवर्क में 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल चल रही है।
कई आरोपी पहले ही चार्जशीट में शामिल
सीबीआई इस मामले में पहले ही कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, निजी कंपनियों और अन्य व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसी अब वित्तीय लेन-देन की पूरी श्रृंखला को खंगाल रही है। आरके सिंह की गिरफ्तारी को इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।






