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हरियाणा में बिजली निजीकरण पर इनेलो नेता प्रो. संपत सिंह बोले- जनता की संपत्ति निजी हाथों में सौंपने की तैयारी, हर स्तर पर करेंगे विरोध

चंडीगढ़, 9 जुलाई। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने हरियाणा सरकार की बिजली वितरण के निजीकरण की योजना का कड़ा विरोध करते हुए इसे जनहित के खिलाफ करार दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र में सुधार के नाम पर जनता की संपत्ति और सरकारी ढांचे को निजी कंपनियों के हवाले करने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का कार्य निजी कंपनी को सौंपने का प्रस्ताव कई सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, गुरुग्राम प्रदेश के सबसे अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में शामिल है और यहां बिजली वितरण से अच्छा राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में लाभ देने वाले क्षेत्र का निजीकरण करने का औचित्य समझ से परे है।

‘लाभ वाले क्षेत्र को निजी हाथों में देने की कोशिश’

प्रो. संपत सिंह ने दावा किया कि गुरुग्राम से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) को बड़ा राजस्व मिलता है। उनका कहना था कि यदि किसी क्षेत्र में बिजली वितरण व्यवस्था लाभ में है, तो उसका निजीकरण सार्वजनिक हित के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुनाफे वाले क्षेत्र को निजी क्षेत्र को सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा को केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता और इससे जुड़े बुनियादी ढांचे पर जनता का अधिकार है।

                                     

 

 

नई कंपनी की पात्रता पर भी उठाए सवाल

इनेलो नेता ने उस निजी कंपनी की क्षमता पर भी सवाल उठाए, जिसे बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने की तैयारी होने का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी का गठन हाल ही में हुआ है और उसके पास न तो इस क्षेत्र का अनुभव है और न ही पर्याप्त नेटवर्क, फिर भी उसे हजारों करोड़ रुपये की परियोजना सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली वितरण व्यवस्था में पहले से किए गए सरकारी निवेश और जनता के धन को नजरअंदाज किया जा रहा है।

‘किसानों और कर्मचारियों पर भी पड़ेगा असर’

प्रो. संपत सिंह ने आशंका जताई कि बिजली वितरण के निजीकरण का असर किसानों, कर्मचारियों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। उनके अनुसार, इससे रोजगार के अवसर घट सकते हैं, कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर असर पड़ सकता है और उपभोक्ताओं के हित भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो ने बिजली नियामक आयोग के समक्ष निजीकरण के विरोध में विस्तृत आपत्तियां दर्ज कराई हैं और पार्टी इस मुद्दे पर कानूनी तथा जन आंदोलन दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रखेगी।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

प्रेस वार्ता के दौरान प्रो. संपत सिंह ने कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्वयं को हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी बताती है, लेकिन बिजली निजीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर नियामक आयोग की सुनवाई में उसका कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। उनका दावा था कि इनेलो ही प्रदेश में प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभा रही है।

Author

  • अमर सिंह
    संस्थापक एवं एडिटर | Rashtra Khabar News

    अमर सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 19 वर्षों का अनुभव है। वे प्रतिष्ठित समाचार चैनलों में वीडियो जर्नलिस्ट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे Hindxpress Media House के संस्थापक हैं और Rashtra Khabar News के माध्यम से हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित देशभर की खबरों एवं जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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