हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र आज से, कानून व्यवस्था पर घमासान के आसार

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र आज यानी 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस के आसार हैं। खासतौर पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध और सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
तीन दिन चलेगा मानसून सत्र
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में मानसून सत्र की कार्यवाही को तीन दिनों में पूरा करने का फैसला लिया गया है। सत्र की शुरुआत 27 अगस्त को होगी, जबकि तीन दिन के अवकाश के बाद 31 अगस्त और 1 सितंबर को विधानसभा की कार्यवाही होगी।
विपक्ष की ओर से सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। वहीं, 31 अगस्त को सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे के बजाय दोपहर 2 बजे से शुरू करने पर भी सहमति बनी है।
पहले दिन शोक प्रस्ताव से होगी शुरुआत
सत्र के पहले दिन सदन में दिवंगत पूर्व जनप्रतिनिधियों और हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। संयुक्त पंजाब विधानसभा के पूर्व सदस्य चौधरी सही राम बिश्नोई और हरियाणा विधानसभा के पूर्व सदस्य राजपाल भूखड़ी के निधन का उल्लेख किया जाएगा।
इसके अलावा हरियाणा के शहीदों तथा रोहतक के डी-पार्क बाजार में हुए अग्निकांड और कुएं में जहरीली गैस के कारण हुई दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों को भी सदन में याद किया जाएगा।
कानून व्यवस्था पर विपक्ष सरकार को घेरेगा
शोक प्रस्ताव के बाद प्रश्नकाल होगा, जिसमें विधायक सरकार से विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल पूछेंगे। इसके बाद नियम 121 के तहत प्रस्ताव और कार्य सलाहकार समिति की पहली रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।
सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था का मुद्दा सबसे अहम रहने की संभावना है। इनेलो विधायकों आदित्य चौटाला और अर्जुन चौटाला की ओर से प्रदेश की बिगड़ती स्थिति को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाया जाना है।
विपक्ष पहले ही प्रदेश में अपराध, फिरौती, हत्या, फायरिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में सदन के भीतर इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
पहले दिन पेश होंगे चार विधेयक
मानसून सत्र के पहले दिन सरकार की ओर से चार महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे। इनमें—
- हरियाणा न्यायालय संशोधन विधेयक, 2026
- हरियाणा नगरपालिका संशोधन विधेयक, 2026
- हरियाणा नगर निगम संशोधन विधेयक, 2026
- हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक, 2026
शामिल हैं।
इसके अलावा सदन में विशेषाधिकार हनन समिति की रिपोर्ट भी नेवा पोर्टल के माध्यम से पेश की जाएगी। इसके बाद अन्य विधायी कार्य आगे बढ़ेंगे।
सरकार-विपक्ष आमने-सामने
कुल मिलाकर तीन दिन के इस छोटे मानसून सत्र में कई अहम मुद्दों पर राजनीतिक गर्मी बढ़ने के आसार हैं। विपक्ष जहां कानून-व्यवस्था समेत जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है, वहीं सरकार की ओर से अपने फैसलों और नीतियों का बचाव किया जाएगा।







