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हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026: 2 सीटों पर सियासी महासंग्राम,दावेदारों की दौड़ तेज

Rajya Sabha Election 2026 : देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्य की दो राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च 2026 को मतदान होगा, जबकि 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इन दोनों सीटों पर फिलहाल भाजपा के सांसद रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी काबिज हैं, जिनका कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। इस बार मुकाबला केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि रणनीति, क्रॉस वोटिंग और अंतिम समय की सियासी चालों का भी होगा।

विधानसभा का गणित: किसके पास कितनी ताकत?

हरियाणा विधानसभा की कुल 90 सीटों का मौजूदा गणित इस प्रकार है—

  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) – 48 विधायक
  • निर्दलीय – 3 (तीनों भाजपा समर्थित)
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) – 37 विधायक
  • इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) – 2 विधायक

सीधे गणित के अनुसार एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही है। लेकिन हरियाणा की राजनीति में अंकगणित के साथ-साथ रणनीति और आंतरिक एकजुटता भी निर्णायक भूमिका निभाती है।

पिछला रिकॉर्ड: कैसे पलटा था खेल?

पिछले राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा और कार्तिकेय शर्मा जीतकर राज्यसभा पहुंचे थे। कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन को उस समय अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा था। इसी पृष्ठभूमि में इस बार भी सियासी सरगर्मियां तेज हैं।

भाजपा में दावेदारों की लंबी सूची

भाजपा परंपरागत रूप से उम्मीदवारों के नाम को लेकर अंतिम समय तक सस्पेंस बनाए रखती है। पिछली बार रेखा शर्मा को राज्यसभा भेजकर पार्टी ने राजनीतिक हलकों को चौंका दिया था।

इस बार जिन नामों की चर्चा जोरों पर है, उनमें शामिल हैं—

  • कुलदीप बिश्नोई
  • कैप्टन अभिमन्यु
  • बंतो कटारिया
  • सुनीता दुग्गल
  • संजय भाटिया
  • मनीष ग्रोवर
  • असीम गोयल

सूत्रों के अनुसार मौजूदा सांसद किरण चौधरी भी दोबारा मौका पाने की कोशिश में हैं।

कांग्रेस में टिकट की जंग तेज

कांग्रेस में टिकट को लेकर उत्साह के साथ-साथ अंदरूनी खींचतान भी सामने आ रही है। प्रमुख दावेदारों में—

  • बीके हरिप्रसाद
  • चौधरी उदयभान
  • अशोक तंवर

चर्चा यह भी है कि पार्टी इस बार बाहरी चेहरे पर दांव खेल सकती है। संभावित नामों में—

  • जयराम रमेश
  • पवन खेड़ा
  • कन्हैया कुमार

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम फैसला पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र सिंह हुड्डा की सहमति से होगा।

तीसरा कोण: क्या बनेगा नया समीकरण?

हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख गोपाल कांडा भी सक्रिय माने जा रहे हैं। यदि भाजपा रणनीतिक दांव चलती है, तो निर्दलीय समर्थन के साथ नया समीकरण बन सकता है। वहीं आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सदस्य सुशील गुप्ता का नाम भी चर्चा में है। वे दोनों प्रमुख दलों के लिए रणनीतिक विकल्प बन सकते हैं।

क्या कहता है सियासी माहौल?

हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव हमेशा अप्रत्याशित रहा है। जहां एक ओर भाजपा अपने संख्या बल के दम पर मजबूत दिख रही है, वहीं कांग्रेस के लिए अपनी एकजुटता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

16 मार्च का दिन केवल दो सांसदों का चुनाव नहीं, बल्कि हरियाणा की राजनीतिक दिशा का संकेत भी देगा। क्या भाजपा फिर कोई चौंकाने वाला नाम उतारेगी? या कांग्रेस अपनी सीट सुरक्षित रख पाएगी?

राज्यसभा की यह जंग आने वाले लोकसभा और विधानसभा समीकरणों की भी झलक दिखा सकती है।

Author

  • अमर सिंह | 19 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव | Total TV एवं MH One News के पूर्व वीडियो जर्नलिस्ट | Hindxpress Media House के संस्थापक | Rashtr Khabar डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक एवं एडिटर-इन-चीफ

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