हरियाणा के 12 हजार गेस्ट टीचरों को बड़ी उम्मीद, 20 साल बाद नियमितीकरण की फाइल फिर चली

चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे करीब 12 हजार गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। करीब दो दशक से अपनी सेवाओं को नियमित कराने की मांग कर रहे गेस्ट टीचरों के मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों के स्तर पर समीक्षा के लिए आगे बढ़ाया है।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी नियमितीकरण को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। फिलहाल मामले के कानूनी, प्रशासनिक और पुराने आदेशों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल
गेस्ट टीचरों के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा सत्र के बाद विधानसभा सचिवालय परिसर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी। इस बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी मौजूद रहे और उन्होंने गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण से संबंधित विषय मुख्यमंत्री के सामने रखा।
बैठक के दौरान नियमितीकरण के रास्ते में आने वाले कानूनी पहलुओं और हाईकोर्ट के आदेशों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरे मामले की समीक्षा करते हुए आगे की कार्रवाई की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता ने मामले को मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव के पास भेजा है। इसके बाद 15 सितंबर को जारी पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट में मुख्य रूप से इन बिंदुओं की जानकारी शामिल की जानी है—
- नियमितीकरण से संबंधित हाईकोर्ट के आदेश
- मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति
- अब तक हुई कार्रवाई और प्रक्रिया
- नियमितीकरण से जुड़े प्रशासनिक पहलू
- आगे की कार्रवाई की संभावनाएं
अधिकारियों की समीक्षा के बाद तैयार रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। इसके आधार पर सरकार आगे की दिशा तय कर सकती है।
दो दशक से अधिक समय से सेवा का हवाला
गेस्ट टीचर लंबे समय से नियमितीकरण की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने करीब 20 से 21 वर्षों तक सरकारी स्कूलों में सेवाएं दी हैं।
इस मुद्दे को लेकर गेस्ट टीचर पहले भी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर चुके हैं। उनके प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और निदेशक के सामने भी नियमितीकरण की मांग रखी थी।
विधानसभा सत्र से पहले गेस्ट टीचरों की ओर से सरकार के मंत्रियों और विपक्षी विधायकों को ज्ञापन सौंपे जाने की भी बात सामने आई है। इसके अलावा विधानसभा में विपक्ष की ओर से भी यह मुद्दा उठाया गया था।
गेस्ट टीचरों की क्या है उम्मीद?
गेस्ट टीचरों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं देने के कारण नियमितीकरण उनके लिए केवल रोजगार की स्थिरता का विषय नहीं है। वे इसे वर्षों की सेवा, भविष्य की सुरक्षा और परिवार की आर्थिक स्थिरता से जोड़कर देखते हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मामले को दोबारा अधिकारियों के पास भेजे जाने के बाद गेस्ट टीचरों में उम्मीद बढ़ी है कि लंबे समय से लंबित इस विषय पर आगे कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है।
Background: लंबे समय से चल रही है नियमितीकरण की मांग
हरियाणा में गेस्ट टीचर लंबे समय से अपनी सेवा को नियमित किए जाने की मांग सरकार के सामने रखते रहे हैं। इस दौरान यह विषय शिक्षा विभाग से लेकर राजनीतिक और विधानसभा स्तर तक भी उठता रहा है।
अब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मामले की दोबारा समीक्षा के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए जाने से प्रक्रिया में एक नया चरण शुरू हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट आने और सरकार की ओर से निर्णय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नियमितीकरण को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाता है।







