हरियाणा में जनगणना-2027 की तैयारी तेज! 70 हजार गणना ब्लॉक होंगे कवर, 87 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की होगी तैनाती

चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में जनगणना का पहला चरण डिजिटल माध्यम से पूरा होने के बाद अब जनसंख्या गणना के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस चरण में प्रदेश के 23 जिलों के 6,522 गांवों और 88 कस्बों में लगभग 70,000 गणना ब्लॉक कवर किए जाएंगे। इसके लिए आरक्षित कर्मचारियों सहित 87 हजार से अधिक कार्मिकों की तैनाती प्रस्तावित है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनगणना के दौरान शत-प्रतिशत जनसंख्या कवरेज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति गणना से छूटना नहीं चाहिए और न ही किसी की दोहरी गणना होनी चाहिए।
डिजिटल माध्यम से पूरा हुआ पहला चरण
हरियाणा में जनगणना-2027 का पहला चरण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न हुआ। इस दौरान प्रदेश के 23 जिलों और 11 नगर निगमों में 51,907 मकान सूचीकरण ब्लॉक कवर किए गए।
अब प्रशासन का ध्यान दूसरे चरण की तैयारियों पर है। इसके तहत गांवों और कस्बों में जनसंख्या गणना का काम किया जाएगा। अधिकारियों को क्षेत्रवार योजना तैयार करने, कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और समयसीमा के भीतर सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
87 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की होगी तैनाती
दूसरे चरण के लिए बड़े स्तर पर कर्मचारियों की तैनाती प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरक्षित कार्मिकों सहित लगभग 74,800 प्रगणकों और 12,650 पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
पूरी प्रक्रिया 34 प्रधान जनगणना अधिकारियों की निगरानी में 203 जनगणना चार्ज के माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि गणना व्यवस्थित तरीके से हो और आंकड़ों की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता बनी रहे।
अधिकारियों को निर्देश—न कोई छूटे, न हो दोहराव
जनगणना-2027 की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा ने प्रधान जनगणना अधिकारियों के एक दिवसीय सम्मेलन में तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान डिजिटल माध्यम से आंकड़े एकत्र करने, कर्मचारियों की तैनाती, क्षेत्रीय निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
डॉ. मिश्रा ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जनगणना के प्रत्येक चरण में जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए, ताकि गणना के दौरान किसी प्रकार की कमी न रहे।
ड्यूटी से छूट मांगने वालों के आवेदनों की होगी जांच
वित्तायुक्त ने जनगणना ड्यूटी से छूट मांगने वाले कर्मचारियों के आवेदनों की कड़ी जांच करने पर भी जोर दिया। इसमें उन कर्मचारियों के अनुरोध भी शामिल होंगे, जिन्होंने पहले चरण में अपनी ड्यूटी पूरी की है।
उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए सक्षम कर्मचारियों का चयन और उन्हें समय पर प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए, ताकि फील्ड में काम करते समय किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को मिलेगा ₹25 हजार मानदेय
जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए दोनों चरणों को मिलाकर कुल ₹25,000 मानदेय देने का प्रावधान है। इसमें मकान सूचीकरण कार्य के लिए ₹9,000 और जनसंख्या गणना के लिए ₹16,000 शामिल हैं।
हरियाणा में अब दूसरे चरण की तैयारियों के साथ प्रशासन के सामने समय पर कर्मचारियों की तैनाती, प्रशिक्षण और सटीक आंकड़े जुटाने की चुनौती होगी। सरकार और जिला प्रशासन का जोर इस बात पर है कि जनगणना की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी हो और कोई भी व्यक्ति गणना से बाहर न रहे।







