हरियाणा में BPL परिवारों के सरसों तेल पर घमासान, सुरजेवाला ने सरकार से पूछा- ‘क्यों बदली व्यवस्था?

चंडीगढ़, 22 सितंबर 2026। हरियाणा में BPL परिवारों को मिलने वाले सरसों तेल की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार गरीब परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती कर रही है और इससे उनके घरेलू बजट पर असर पड़ रहा है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अगस्त 2026 से हरियाणा में राशन डिपो के जरिए 2 लीटर सरसों तेल देने के बजाय पात्र BPL परिवारों के बैंक खातों में ₹250 की राशि सीधे भेजने की व्यवस्था लागू की गई है। इसलिए इसे पूरी तरह लाभ बंद किए जाने के बजाय लाभ देने के तरीके में बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।
सुरजेवाला ने सरकार से पूछा- तेल क्यों बंद किया?
सुरजेवाला ने कहा कि महंगाई के दौर में गरीब परिवार पहले ही घरेलू खर्च का दबाव झेल रहे हैं। ऐसे में खाद्य तेल जैसी रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी सरकारी सहायता की व्यवस्था बदलने को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि पहले 2 लीटर सरसों तेल की कीमत ₹40 से बढ़ाकर ₹100 की गई और अब राशन डिपो से तेल का वितरण बंद कर दिया गया है। कांग्रेस नेता ने सरकार से पूछा कि गरीब परिवारों को मिलने वाली इस सुविधा की मौजूदा व्यवस्था क्या है और इसे लेकर सरकार की नीति क्या है।
39.89 लाख परिवारों को लेकर भी सवाल
सुरजेवाला ने प्रदेश में करीब 39.89 लाख BPL परिवारों की पात्रता और आय जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इससे गरीब परिवारों में असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है।
सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि 14 लाख से अधिक परिवारों के राशन कार्ड BPL श्रेणी से हटाए गए हैं। इस आंकड़े और पात्रता संबंधी दावों पर सरकार की ओर से अलग आधिकारिक स्पष्टीकरण को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना जरूरी होगा।
करनाल के आंकड़ों का किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने करनाल जिले का उदाहरण देते हुए दावा किया कि 2,54,117 राशन कार्डों से जुड़े करीब 9,73,119 लोगों पर इस बदलाव का असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल की बाजार कीमतों के बीच गरीब परिवारों को सरकारी सहायता की जरूरत है।
उपभोक्ता मामलों के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 20 सितंबर 2026 को हरियाणा में पैक्ड सरसों तेल का औसत खुदरा मूल्य करीब ₹215 प्रति लीटर दर्ज किया गया था।
सरकार से व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग
सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार से मांग की कि BPL परिवारों को सरसों तेल के लिए दी जा रही सहायता की वर्तमान व्यवस्था को स्पष्ट किया जाए। उन्होंने पात्र परिवारों की सूची और राशन कार्डों की जांच में पारदर्शिता की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस गरीब, किसान, मजदूर और वंचित वर्ग से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और सरकार से इन मामलों पर जवाब मांगती रहेगी।







