National

100% इथेनॉल ईंधन को मिली मंजूरी, गडकरी के बड़े फैसले से ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति

पेट्रोल के विकल्प के रूप में उभरेगा इथेनॉल, तेल आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली। भारत के ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित ईंधन को कानूनी मान्यता देने से संबंधित आवश्यक नियमों को मंजूरी देने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद देश में पूरी तरह इथेनॉल पर चलने वाले वाहनों के लिए रास्ता और आसान हो जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि विदेशी तेल आयात पर निर्भरता कम कर देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी।

सालाना 22 लाख करोड़ रुपये तक की बचत का अनुमान

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वर्तमान में कच्चे तेल और अन्य जीवाश्म ईंधनों के आयात पर भारी राशि खर्च करता है। यदि इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग बड़े स्तर पर बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में देश को ऊर्जा आयात पर होने वाले खर्च में बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार का लक्ष्य घरेलू स्तर पर इथेनॉल और अन्य हरित ईंधनों के उत्पादन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना है। यह भी पढ़ें : – यमुना सफाई अभियान में जुटी दिल्ली सरकार, CM रेखा गुप्ता और स्वाति मालीवाल ने जनता से की सहयोग की अपील

ऑटोमोबाइल कंपनियां भी तैयार

इथेनॉल आधारित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वाहन निर्माता कंपनियां भी तेजी से काम कर रही हैं। हाल ही में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस नई गाड़ियों को पेश किया गया है, जो इथेनॉल मिश्रित या पूर्ण इथेनॉल ईंधन पर चल सकती हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले महीनों में कई प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां ऐसे नए मॉडल बाजार में उतार सकती हैं, जो 100 प्रतिशत इथेनॉल पर संचालित होंगे।

 

पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सकती है। इसके उपयोग से वायु प्रदूषण कम करने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा इथेनॉल उत्पादन में कृषि क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलने की संभावना है। यह भी पढ़ें : – Chandigarh Firing: PGI के पास मेडिकल स्टोर पर दिनदहाड़े गोलियां, कैशियर की मौत; CCTV वीडियो सामने आया

गडकरी ने साझा किया दिलचस्प अनुभव

नितिन गडकरी ने इथेनॉल को लेकर शुरुआती दौर में उठे सवालों और भ्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार इथेनॉल आधारित परिवहन की अवधारणा को बढ़ावा दिया था, तब कई लोगों ने इसकी व्यवहारिकता पर संदेह जताया था। उन्होंने एक रोचक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कुछ लोगों ने वाहन खराब होने का कारण इथेनॉल को बताया, जबकि संबंधित वाहन उस ईंधन का उपयोग ही नहीं कर रहा था। उनके अनुसार समय के साथ तकनीक और जागरूकता बढ़ने से ऐसे भ्रम दूर हुए हैं।

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
🔴 LIVE
Facebook Page