हरियाणा के 60 साल: CM नायब सैनी ने गिनाईं बड़ी उपलब्धियां, राष्ट्रपति मुर्मु रहीं मौजूद

कुरुक्षेत्र/चंडीगढ़। हरियाणा ने अपने गठन के छह दशकों में विकास और तरक्की की नई इबारत लिखी है। कभी सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाला प्रदेश आज कृषि, उद्योग, खेल और आर्थिक मजबूती के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना चुका है। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित हरियाणा दिवस के हीरक जयंती समारोह में कही।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश का पहला विकसित राज्य बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में हरियाणा महत्वपूर्ण योगदान देगा।
राष्ट्रपति का कुरुक्षेत्र की पावन धरती पर स्वागत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि ऐतिहासिक हीरक जयंती समारोह में उनकी उपस्थिति हरियाणा के लोगों के लिए सम्मान और गौरव की बात है।
उन्होंने राष्ट्रपति के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा के मयूरभंज जिले के छोटे से गांव उपरबेड़ा से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना भारतीय लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है। उनकी उपलब्धि विशेषकर बेटियों, वंचित परिवारों और आदिवासी समाज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
गीता की धरती से पूरी दुनिया को मिला कर्तव्य का संदेश
मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्म, साहस और कर्तव्य पालन का संदेश दिया था।
उन्होंने राष्ट्रपति की वर्ष 2022 में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान हुई कुरुक्षेत्र यात्रा को भी याद किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, राष्ट्रपति ने उस समय गीता को मानवता का मार्गदर्शन करने वाला आध्यात्मिक ग्रंथ बताया था।
किसान, जवान और खिलाड़ियों ने बनाई हरियाणा की अलग पहचान
नायब सैनी ने कहा कि 1 नवंबर 1966 को अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आए हरियाणा ने मेहनत और लगन के दम पर अपनी पहचान बनाई है। प्रदेश की तरक्की के पीछे किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, खिलाड़ियों और महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान खेतों में मेहनत करने वाले किसानों, देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से है।
मुख्यमंत्री ने बेटियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज हरियाणा की महिलाएं खेती, खेल, सेना और स्टार्टअप जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
छोटे क्षेत्रफल के बावजूद अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान
मुख्यमंत्री ने हरियाणा की आर्थिक और औद्योगिक ताकत के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में प्रदेश की हिस्सेदारी केवल 1.34 प्रतिशत है, लेकिन राष्ट्रीय GDP में इसका योगदान करीब 3.6 प्रतिशत है।
उन्होंने औद्योगिक उत्पादन और कृषि निर्यात में हरियाणा की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार:
- देश में बनने वाली हर तीन में से दो यात्री कारों का उत्पादन हरियाणा में होता है।
- देश के हर दो ट्रैक्टरों में से एक का निर्माण प्रदेश में होता है।
- भारत में बनने वाली प्रत्येक 10 मोटरसाइकिलों में से छह हरियाणा में निर्मित होती हैं।
- देश के बासमती चावल निर्यात में हरियाणा की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है।
- बड़े राज्यों में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े साबित करते हैं कि हरियाणा उद्योग और कृषि, दोनों क्षेत्रों में राष्ट्रीय विकास को गति दे रहा है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी गिनाईं उपलब्धियां
समारोह में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश के सामने संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं की कई चुनौतियां थीं। इसके बावजूद हरियाणा ने छह दशकों में कृषि, शिक्षा, उद्योग, खेल और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा देश के खाद्यान्न भंडार को मजबूत करने के साथ-साथ विकास के नए अवसर तैयार कर रहा है। यह सफलता किसानों, सैनिकों, श्रमिकों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों, उद्यमियों और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की मेहनत का नतीजा है।
मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राज्य सरकार और प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन भी किया।
समारोह में ये प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, सांसद नवीन जिंदल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सहित अनेक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हरियाणा के 60 साल: आगे की राह के लिए क्या मायने?
हरियाणा की हीरक जयंती केवल स्थापना दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश की उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार करने का अवसर भी है। कृषि और औद्योगिक उत्पादन में मजबूत स्थिति के साथ अब रोजगार, आधुनिक शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देना राज्य के विकास को नई दिशा दे सकता है।
राष्ट्रपति की मौजूदगी और मुख्यमंत्री के विकसित हरियाणा के संकल्प ने इस समारोह को विशेष महत्व दिया। आने वाले वर्षों में इन लक्ष्यों को जमीन पर उतारना ही प्रदेश की छह दशक की विकास यात्रा की अगली बड़ी कसौटी होगी।







