हरियाणा में अपराधियों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा! 47 हजार बदमाशों का सत्यापन, 288 नए नाके; 2.72 लाख चालान
DGP अजय सिंघल ने पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, फेस रिकग्निशन सिस्टम पर अपलोड हुई 29,416 अपराधियों की तस्वीरें; CCTV कैमरों की निगरानी और रात्रि नाकाबंदी होगी और मजबूत

उमंग श्योराण /पंचकूला। हरियाणा में अपराध पर लगाम लगाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने निगरानी और कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने पुलिस मुख्यालय पंचकूला में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर CCTV कैमरों की कार्यशीलता, अपराधियों के रिकॉर्ड के सत्यापन, फेस रिकग्निशन सिस्टम, रात्रि नाकाबंदी और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में सामने आया कि प्रदेश में अब तक 47,124 सक्रिय अपराधियों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा चुका है, जबकि 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम पर अपलोड की गई हैं। वहीं, बिना नंबर प्लेट और बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) वाले वाहनों के खिलाफ अभियान के दौरान 2,72,492 चालान किए गए हैं और 22,269 वाहन जब्त किए गए हैं।
6,644 CCTV कैमरों की होगी जांच, खराब कैमरों को ठीक कराने के निर्देश
हरियाणा के सभी 24 जिलों में स्थित 389 पुलिस थानों और 327 पुलिस चौकियों में कुल 6,644 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। बैठक में इन कैमरों की कार्यशीलता और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई।
DGP अजय सिंघल ने निर्देश दिए कि सभी थानों और चौकियों में CCTV कैमरे पूरी तरह चालू हालत में होने चाहिए। कैमरों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित स्थानों पर लगाया जाना भी सुनिश्चित किया जाए।
कैमरों की लोकेशन, तकनीकी खराबियों, नेटवर्क संबंधी समस्याओं और उनकी कार्यशीलता की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने जिलों में नियमित बैठकें कर CCTV व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया है।
47 हजार अपराधियों का फिजिकल वेरिफिकेशन, 29 हजार से ज्यादा तस्वीरें अपलोड
बैठक में सक्रिय अपराधियों का रिकॉर्ड तैयार करने और उसे अपडेट करने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था राकेश आर्य ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में 47,124 सक्रिय अपराधियों का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा किया जा चुका है।

इनमें से 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम पर अपलोड की जा चुकी हैं। प्रदेश के 11 जिलों में सक्रिय अपराधियों के डेटा का शत-प्रतिशत फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है।
DGP ने निर्देश दिए कि अब घोषित अपराधियों (PO), बेल जंपर्स और मोस्ट वांटेड अपराधियों का डेटा भी फेस रिकग्निशन सिस्टम पर अपलोड किया जाए। संबंधित अधिकारियों को अगले दो सप्ताह में यह काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
288 अतिरिक्त नाका पॉइंट चिह्नित, 40 संवेदनशील और बॉर्डर एरिया पर नजर
अपराधियों की आवाजाही पर नजर रखने और अपराध नियंत्रण के लिए हरियाणा में रात्रि नाकाबंदी को और प्रभावी बनाया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 250 स्थायी नाकों के अलावा 288 अतिरिक्त नाका पॉइंट चिह्नित किए गए हैं।
इसके साथ ही 40 संवेदनशील स्थानों और अंतरराज्यीय बॉर्डर एरिया में नियमित रूप से नाकाबंदी की जा रही है। DGP ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी खुद नाकों की निगरानी करें और वहां CCTV कैमरों की उपलब्धता तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नाकाबंदी केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहनी चाहिए। ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बिना नंबर प्लेट और HSRP वाले वाहनों पर बड़ी कार्रवाई
हरियाणा पुलिस ने बिना नंबर प्लेट और बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ 1 जून 2026 से विशेष अभियान चलाया हुआ है।
बैठक में दी गई जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर 2026 तक इस अभियान के तहत कुल 31,22,168 वाहनों की जांच की गई। इनमें:
- बिना नंबर प्लेट वाले 1,14,566 वाहनों के चालान किए गए।
- बिना HSRP वाले 1,57,926 वाहनों के चालान किए गए।
- कुल 2,72,492 चालान किए गए।
- 22,269 वाहनों को जब्त किया गया।
DGP ने कहा कि बिना नंबर प्लेट या निर्धारित HSRP के चलने वाले वाहनों की पहचान करना मुश्किल होता है। ऐसे वाहन अपराधियों के लिए भी मददगार साबित हो सकते हैं। इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
ERV का रिस्पॉन्स टाइम घटाने पर भी जोर
बैठक में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई।
DGP ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपातकालीन कॉल मिलने पर पुलिस की गाड़ी कम से कम समय में घटनास्थल पर पहुंचे। इसके लिए ERV की परफॉर्मेंस की नियमित मॉनिटरिंग और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर रिस्पॉन्स टाइम कम करने के लिए कदम उठाए जाएं।
अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक और जवाबदेही पर फोकस
DGP अजय सिंघल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण के लिए तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। CCTV निगरानी, फेस रिकग्निशन सिस्टम, अपराधियों के रिकॉर्ड का सत्यापन, रात्रि नाकाबंदी और आपातकालीन पुलिस सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था राकेश आर्य, पंचकूला पुलिस आयुक्त पंकज नैन, डीआईजी कानून एवं व्यवस्था अभिषेक जोरवाल सहित प्रदेशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।







