सिरसा में 4.5 करोड़ की अफीम बरामदगी मामले में बड़ा घोटाला! ASI बर्खास्त

Haryana News : हरियाणा के सिरसा जिले में करोड़ों रुपये की अफीम बरामदगी से जुड़े मामले में पुलिस विभाग के भीतर कथित गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। ट्रक की चेसिस से बरामद नशीले पदार्थ की खेप में हेराफेरी के आरोपों के बाद डिंग थाना में तैनात एक एएसआई को बर्खास्त कर दिया गया है। मामले की जांच अब एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो (ANB) को सौंप दी गई है।
शिकायत के बाद खुली परतें
सूत्रों के अनुसार, सिरसा पुलिस को इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि बरामद अफीम की मात्रा को लेकर रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर हो सकता है। प्राथमिक जांच में डिंग थाना के एएसआई रणबीर सिंह का नाम सामने आया। आरोप है कि उन्होंने बरामद नशीले पदार्थ की पूरी मात्रा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की और केवल 88 किलो 970 ग्राम अफीम बरामद दिखाकर शेष खेप को कथित रूप से अलग कर लिया।
SP की बड़ी कार्रवाई
मामले को गंभीर मानते हुए सिरसा के पुलिस अधीक्षक (SP) ने आरोपी एएसआई रणबीर सिंह को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा उनके खिलाफ सिविल लाइन थाना में आपराधिक मामला दर्ज कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए केस को एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो के हवाले कर दिया गया है।Haryana News
अभी तक स्पष्ट नहीं कितनी अफीम गायब हुई
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद नशीली खेप में से वास्तव में कितनी मात्रा कथित रूप से गायब की गई। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हेराफेरी हुई, तो वह किस स्तर तक और किन परिस्थितियों में हुई।
अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि कार्रवाई के दौरान मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को कथित गड़बड़ी की जानकारी थी या नहीं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि बरामदगी की पूरी प्रक्रिया के दौरान किस-किस अधिकारी की जिम्मेदारी तय थी। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के समय एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में बरामदगी की प्रक्रिया पूरी की गई थी। ऐसे में जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है।Haryana News
ट्रक की चेसिस और बरामदगी प्रक्रिया की होगी फोरेंसिक जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां ट्रक की चेसिस में किए गए बदलावों और नशीले पदार्थ को छिपाने के तरीके की भी पड़ताल करेंगी। साथ ही जब्त माल की सुरक्षा, सीलिंग और रिकॉर्डिंग प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी।






