Bhiwandi Building Collapse: भिवंडी में 4 मंजिला इमारत ढही, 7 की मौत; मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बालाजी नगर-गंगारामवाड़ी स्थित चार मंजिला आवासीय इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
संकरी गलियों ने बढ़ाई बचाव कार्य की चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, महानगरपालिका की आपदा प्रबंधन टीम और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, दुर्घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता बेहद संकरा होने के कारण शुरुआती बचाव कार्य प्रभावित हुआ। बाद में रास्ते में मौजूद एक पुराने ढांचे को हटाकर एनडीआरएफ (NDRF) और टीडीआरएफ (TDRF) की टीमों ने मलबे तक पहुंच बनाई और अभियान तेज किया।
दरारें दिखने के बाद खाली कराया जा रहा था भवन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम से ही इमारत में दरारें दिखाई देने लगी थीं। स्थानीय प्रशासन को भवन के झुकने की सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान कुछ निवासी अपना सामान निकालने और मरम्मत कार्य में लगे हुए थे कि अचानक पूरी इमारत ढह गई।
पहले से खतरनाक घोषित था भवन
नगरपालिका रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित इमारत को पहले ही असुरक्षित श्रेणी में रखा गया था और इसे लेकर नोटिस भी जारी किया जा चुका था। बताया जा रहा है कि भवन के एक हिस्से में पिलरों की मजबूती बढ़ाने का कार्य चल रहा था। शुरुआती जांच में निर्माण गुणवत्ता और संरचनात्मक कमजोरी को हादसे के संभावित कारणों में माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
मलबे से निकलकर बची युवती
हादसे के दौरान एक परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि उनकी बेटी मलबे में फंस गई। उसने साहस दिखाते हुए खुद ही मलबे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी व्यवस्था
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए आसपास के स्कूलों और सामुदायिक भवनों में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक हर व्यक्ति तक पहुंच नहीं बन जाती।







