‘धर्म युद्ध मोर्चा’ सिर्फ राजनीतिक ड्रामा, पंजाबियों को गुमराह कर रहे सुखबीर बादल: AAP नेता बलतेज पन्नू

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा घोषित ‘धर्म युद्ध मोर्चा’ को राजनीतिक दिखावा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ऐलान केवल पंजाब के लोगों को गुमराह करने और राजनीतिक माहौल बनाने के उद्देश्य से किया गया था।
‘धर्म युद्ध मोर्चा’ पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बलतेज पन्नू ने कहा कि करीब एक महीने पहले सुखबीर बादल ने 19 जुलाई से धर्म युद्ध मोर्चा शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक न कोई कार्यक्रम घोषित किया गया है और न ही किसी तरह की तैयारी दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि अकाली दल की हालिया कोर कमेटी की बैठक में भी इस प्रस्तावित मोर्चे का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि यह केवल राजनीतिक बयानबाजी थी।
सुखबीर बादल पर व्यक्तिगत टिप्पणी
पन्नू ने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि “चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए सुखबीर बादल को धर्म युद्ध मोर्चा का वास्तविक अर्थ भी नहीं पता।” उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक आंदोलनों के लिए लंबी तैयारी, जनसमर्थन और गंभीर रणनीति की आवश्यकता होती है।
बेअदबी और बहबल कलां मामले का उठाया मुद्दा
आप नेता ने 2015 की बेअदबी की घटनाओं और बहबल कलां गोलीकांड का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी घटनाएं अकाली दल की सरकार के दौरान हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय न केवल बेअदबी की घटनाएं हुईं बल्कि इंसाफ मांग रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई भी की गई और मामले से जुड़े अहम सबूत भी नष्ट किए गए।
‘ट्रुथ कमीशन’ के वादे पर भी घेरा
बलतेज पन्नू ने कहा कि बादल परिवार ने पहले सत्ता में आने पर ‘ट्रुथ कमीशन’ बनाने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद उसे भुला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल सरकार ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और न्याय की मांग करने वालों के खिलाफ ही मुकदमे दर्ज किए।
‘संपत्ति बढ़ाने में व्यस्त रही अकाली सरकार’
पन्नू ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के दौरान अकाली दल की सरकार ने पंजाब के हितों के बजाय अपनी राजनीतिक और आर्थिक मजबूती पर अधिक ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी, जबकि सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही।
AAP का सवाल
बलतेज पन्नू ने पूछा कि यदि 19 जुलाई से धर्म युद्ध मोर्चा शुरू होना है, तो अब तक उसके कार्यक्रम, रणनीति, नेतृत्व और पहली गिरफ्तारी देने वाले नेताओं की घोषणा क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब ऐसे राजनीतिक नारों और घोषणाओं को समझ चुकी है।






