चंडीगढ़ में सरकारी आवास आवंटन होगा हाईटेक, हरियाणा सरकार ला रही नया ऑनलाइन मॉड्यूल
ई-आवास पोर्टल पर डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता, विभागों को 7 दिन में जानकारी देने के निर्देश

Haryana News : सरकारी आवास आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास आवंटन की व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक नया ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी विभागों को आवश्यक सूचनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवास आवंटन, पात्रता जांच और वरिष्ठता सूची प्रबंधन जैसी प्रक्रियाएं पूरी तरह डिजिटल और अधिक प्रभावी हो जाएंगी।
मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश
हरियाणा के मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, Haryana Public Service Commission, Haryana Staff Selection Commission, हरियाणा विधानसभा, हरियाणा पुलिस और अन्य प्रमुख कार्यालयों को पत्र जारी किया है। पत्र में विभागों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने और निर्धारित समय के भीतर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नए मॉड्यूल के विकास की प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सके। यह भी पढ़ें : – मनाली से जयपुर लौट रहे पर्यटकों की बस NH-152D पर ट्रक में घुसी
मौजूदा व्यवस्था में आ रही थीं कई दिक्कतें
वर्तमान में सरकारी आवास प्राप्त करने या आवास परिवर्तन के लिए पात्र कर्मचारियों को ई-आवास पोर्टल पर आवेदन करने के साथ-साथ सत्यापित हार्ड कॉपी भी संबंधित विभाग के माध्यम से भेजनी पड़ती है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान कई बार दस्तावेजों की कमी, सत्यापन में देरी और रिकॉर्ड अपडेट न होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसके चलते पात्र कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ता है, जबकि कुछ मामलों में अपात्र कर्मचारी भी सूची में बने रहते हैं।
नई प्रणाली से मिलेगा रियल-टाइम अपडेट का लाभ
हाउस अलॉटमेंट कमेटी के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन संबंधी सूचनाएं समय पर अपडेट नहीं होने के कारण कई प्रशासनिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। नई डिजिटल प्रणाली में विभागीय स्तर पर रियल-टाइम डेटा अपडेट किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की पात्रता की स्थिति तुरंत स्पष्ट हो सकेगी। इससे वरिष्ठता सूची स्वतः अपडेट होगी और अपात्र कर्मचारियों की पहचान भी आसान हो जाएगी। यह भी पढ़ें : – Petrol Diesel Latest News: पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, क्या आम आदमी पर पड़ेगा असर?
डिजिटल सत्यापन के बाद ही होगा आवेदन स्वीकार
प्रस्तावित मॉड्यूल के तहत विभागाध्यक्ष या उनके द्वारा नामित नोडल अधिकारी ऑनलाइन आवेदन का डिजिटल सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद ही आवेदन आवास आवंटन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इससे मैनुअल प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और गलत अथवा अधूरी जानकारी वाले आवेदनों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकेगा।
विभागों से मांगी गई अहम जानकारी
नई प्रणाली को लागू करने के लिए विभागों से निम्नलिखित जानकारियां मांगी गई हैं:
विभागाध्यक्ष का नाम और पदनाम
कार्यालय का पूरा पता
एनआईसी में पंजीकृत आधिकारिक ई-मेल आईडी
मोबाइल नंबर
आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) कोड
सरकार ने यह जानकारी सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि National Informatics Centre द्वारा पोर्टल के विकास और कार्यान्वयन का कार्य शुरू किया जा सके। यह भी पढ़ें : – IRCTC में बड़ा बदलाव: 15 जुलाई तक लॉन्च होगी नई वेबसाइट, टिकट बुकिंग होगी और आसान






