हरियाणा NHM कर्मचारियों के तबादले के नए नियम: अब ऑनलाइन होगा अंतर-जिला पुनर्नियोजन, जानें कौन कर सकेगा आवेदन

चंडीगढ़। हरियाणा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए अंतर-जिला पुनर्नियोजन को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। राज्य स्वास्थ्य सोसायटी की ओर से 22 सितंबर 2026 को जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि दूसरे जिले में पुनर्नियोजन केवल वास्तविक और दस्तावेजों से प्रमाणित कठिनाई की स्थिति में ही किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए संचालित होगी।
पुनर्नियोजन कर्मचारी का अधिकार नहीं
नए प्रावधानों के मुताबिक दूसरे जिले में स्थानांतरण या पुनर्नियोजन को कर्मचारी का स्वतः मिलने वाला अधिकार नहीं माना जाएगा। संबंधित जिले में स्वीकृत रिक्त पद, विभाग की जरूरत और निर्धारित पात्रता के आधार पर आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा।
आवेदन करने के लिए कर्मचारी की NHM में कम से कम दो वर्ष की लगातार संतोषजनक संविदा सेवा पूरी होना जरूरी होगा। पुनर्नियोजन होने पर कर्मचारी को उसी पद पर नियुक्त किया जाएगा, जिस पद पर वह मौजूदा जिले में कार्यरत है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा पात्रता का लाभ?
निर्देशों में कठिनाई के आधार पर पांच प्रमुख श्रेणियों को पुनर्नियोजन के लिए पात्र माना गया है। इनमें शामिल हैं:
- दिव्यांगता या गंभीर/जानलेवा बीमारी से प्रभावित कर्मचारी।
- नाबालिग बच्चों वाले एकल अभिभावक।
- विधवा/विधुर, तलाकशुदा या न्यायिक रूप से अलग कर्मचारी, साथ ही 35 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिला।
- ऐसे कर्मचारी जिनके आश्रित को गंभीर बीमारी या दिव्यांगता है।
- ऐसे दंपती जिनका जीवनसाथी दूसरे जिले में तैनात है।
प्राथमिकता का भी तय हुआ क्रम
सभी पात्र आवेदनों को एक समान क्रम में नहीं देखा जाएगा। नियमों के तहत प्राथमिकता इस तरह निर्धारित की गई है:
- पहली प्राथमिकता: गंभीर बीमारी या दिव्यांगता
- दूसरी प्राथमिकता: एकल अभिभावक
- तीसरी प्राथमिकता: विधवा/विधुर, तलाकशुदा या न्यायिक रूप से अलग कर्मचारी तथा 35 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला
- चौथी प्राथमिकता: गंभीर बीमारी या दिव्यांगता से प्रभावित आश्रित वाले कर्मचारी
- पांचवीं प्राथमिकता: दूसरे जिले में तैनात जीवनसाथी वाले दंपती
यदि एक ही श्रेणी में कई कर्मचारी आवेदन करते हैं, तो NHM में लगातार सेवा अवधि के आधार पर वरिष्ठता तय की जाएगी।
अधिकतम चार जिलों का विकल्प
कर्मचारी आवेदन करते समय अधिकतम चार जिलों को अपनी पसंद के रूप में चुन सकेंगे। संबंधित जिले में स्वीकृत पद खाली होने की स्थिति में प्राथमिकता और वरिष्ठता के आधार पर आवेदन पर विचार किया जाएगा।
पुनर्नियोजन की प्रक्रिया पूरी तरह NHM पोर्टल पर होगी। सिस्टम के जरिए प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। जिला स्तर पर उपलब्ध रिक्त पदों की जानकारी आवेदन शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले पोर्टल पर प्रदर्शित करनी होगी।
आदेश के बाद 7 दिन में रिलीविंग, 15 दिन में ज्वाइनिंग
पुनर्नियोजन का आदेश जारी होने के बाद कर्मचारी को उसके वर्तमान जिले से सात दिन के भीतर कार्यमुक्त करना होगा। इसके बाद नए जिले में कर्मचारी को 15 दिन के अंदर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा।
एक कर्मचारी को अपनी पूरी संविदा अवधि के दौरान इस व्यवस्था के तहत केवल एक बार अंतर-जिला पुनर्नियोजन का अवसर मिलेगा। हालांकि, पुनर्नियोजन से उसकी सेवा की निरंतरता और अन्य पात्र सेवा लाभ प्रभावित नहीं होंगे।
किन कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे नियम?
यह व्यवस्था सभी NHM से जुड़े कर्मचारियों के लिए नहीं है। आउटसोर्सिंग एजेंसी, HKRN या किसी अन्य थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मचारी इसके दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा सलाहकार और इंटर्न भी इस प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं होंगे।
फर्जी दस्तावेज दिए तो हो सकती है कड़ी कार्रवाई
विभाग ने दस्तावेजों को लेकर भी सख्त प्रावधान रखे हैं। यदि कोई कर्मचारी गलत या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पुनर्नियोजन हासिल करता है, तो उसका आदेश रद्द किया जा सकता है। इसके साथ सेवा समाप्ति और आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।







