पंजाब-हरियाणा के उद्योगपति मिलकर बढ़ाएं कौशल, तकनीक और कारोबार का दायरा: CM सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब और हरियाणा के उद्योग जगत से आपसी सहयोग को और मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के कारोबारी यदि कौशल विकास, नई तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में मिलकर काम करें तो पूरे उत्तर भारत में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।
मुख्यमंत्री बुधवार को पंजाब के पटियाला जिले के दौलतपुर में GSA Industries India के नए औद्योगिक प्लांट की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में राधा स्वामी डेरा ब्यास के आध्यात्मिक प्रमुख सरदार गुरिंदर सिंह ढिल्लों, पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर, GSA Industries के प्रबंध निदेशक जतिंदर पाल सैनी, पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष बीबी जयइंदर कौर और पटियाला जिला भाजपा अध्यक्ष सरदार जसपाल सिंह सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
उद्योग और तकनीक के मेल पर जोर
मुख्यमंत्री ने GSA ग्रुप की औद्योगिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने वाली कंपनी की यात्रा भारतीय उद्यमिता, तकनीकी क्षमता और मेहनत का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि मजबूत विनिर्माण क्षेत्र केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने, किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और देश को वैश्विक उत्पादन व्यवस्था में आगे ले जाने में भी भूमिका निभाता है।
सैनी ने कार्यक्रम की थीम ‘Making India Stronger Through Manufacturing’ को देश के औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए कहा कि विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना भारत की आर्थिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं के कौशल और नई तकनीक को बताया जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति के लिए युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर देना और उद्योगों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने घरेलू स्तर पर तैयार उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे प्रयासों का उद्देश्य देश की अपनी क्षमताओं को मजबूत करना और भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाना है। उनके अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में उद्योग, तकनीक और कुशल मानव संसाधन की भूमिका अहम होगी।
पंजाब-हरियाणा के रिश्तों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने संबोधन में दोनों राज्यों के सामाजिक और आर्थिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा की खेती, संस्कृति, परिवार और मेहनत की परंपराएं लंबे समय से एक-दूसरे से जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में उद्योग के विस्तार से हरियाणा तक कारोबारी संभावनाएं पहुंच सकती हैं और हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने से पंजाब के कारोबारियों तथा युवाओं के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं।
सैनी ने कहा कि दोनों राज्यों की क्षमताओं को एक-दूसरे से जोड़कर पूरे उत्तर भारत के विकास को गति दी जा सकती है।
गुणवत्तापूर्ण उत्पादन का आह्वान
मुख्यमंत्री ने विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उद्योगपतियों और कर्मचारियों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत में बनने वाले उत्पाद घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी गुणवत्ता के कारण पहचान बनाएं।
उन्होंने उद्योग जगत से उत्कृष्टता के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय उद्योग के प्रति भरोसा मजबूत करने में मदद करेंगे।







