IDFC फर्स्ट बैंक मामले में CBI का एक और बड़ा एक्शन,रिटायरमेंट के दिन IAS प्रदीप कुमार गिरफ्तार

IDFC First Bank Case ; आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में सीबीआई ने हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि आज (30 जून) को ही उनकी सेवानिवृत्ति निर्धारित थी, लेकिन उसी दिन हुई गिरफ्तारी ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। प्रदीप कुमार पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में जब नियुक्त थे उस वक्त वित्तीय अनियमिताएं बैंक फ्रॉड में सामने आई है। इसी के चलते अब उनको गिरफ्तारी का डर है, जिससे बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर 2 जुलाई को सुनवाई होनी थी। बैंक फ्रॉड मामले में प्रदीप कुमार के अलावा आईएएस अधिकारी आरके सिंह और पंकज अग्रवाल को भी सीबीआई पहले गिरफ्तार कर चुकी है। आरके सिंह और पंकज अग्रवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में सीबीआई जांच कर रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार, बैंक से जुड़े कथित घोटाले में वित्तीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के आरोपों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जाएगी।
प्रदीप कुमार हरियाणा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं और अपने लंबे प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के दिन ही हुई गिरफ्तारी ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी अदालत से उनकी रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि मामले में धन के लेनदेन, निर्णय प्रक्रिया और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहन जांच की जा सके। दूसरी ओर, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की नजर अब इस मामले की आगामी कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।






