जॉर्जिया से भारत लाया गया कुख्यात गैंगस्टर वैनकेट गर्ग, हरियाणा STF की बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी

Haryana News : हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी वैनकेट गर्ग को जॉर्जिया से भारत वापस लाने में सफलता प्राप्त की है। संगठित अपराध और रंगदारी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत किया गया यह प्रत्यर्पण कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
विशेष बात यह है कि जॉर्जिया से भारत को किया गया यह पहला प्रत्यर्पण बताया जा रहा है। वहीं वर्ष 2026 के दौरान हरियाणा STF द्वारा विदेशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई में यह दसवीं बड़ी सफलता है।
उत्तर भारत में सक्रिय था गैंग का नेटवर्क
अंबाला जिले के नारायणगढ़ निवासी वैनकेट गर्ग पर लंबे समय से हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आरोप लगे हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार वह करीब 53 सदस्यों वाले एक आपराधिक गिरोह का नेतृत्व कर रहा था। गैंग की गतिविधियां अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ सहित कई क्षेत्रों में फैली हुई थीं। पुलिस का दावा है कि गिरोह कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है।
34 आपराधिक मामलों में दर्ज है नाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वैनकेट गर्ग के खिलाफ हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी मांगने, अवैध हथियार रखने और संगठित अपराध से जुड़े मामले शामिल हैं। बताया जाता है कि देश छोड़ने से पहले उसके खिलाफ 23 मामले दर्ज थे, जबकि विदेश में रहने के दौरान भी उसने अपने नेटवर्क के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों को जारी रखा। इसी दौरान उसके खिलाफ 11 नए मामले और दर्ज हुए।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे विदेश पहुंचा
STF की जांच में सामने आया कि आरोपी दिसंबर 2024 में नई दिल्ली से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भाग गया था और बाद में जनवरी 2025 में जॉर्जिया पहुंच गया। जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि उसने कथित तौर पर गलत पते का उपयोग कर पासपोर्ट हासिल किया था। इस खुलासे के बाद उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया और संबंधित पासपोर्ट को रद्द कर दिया गया।
इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से हुई कार्रवाई
आरोपी की गिरफ्तारी और भारत वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा STF ने कई स्तरों पर कार्रवाई की। इसमें लुक आउट सर्कुलर जारी कराना, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस प्राप्त करना, अदालत से गिरफ्तारी वारंट हासिल करना और आरोपी को उद्घोषित अपराधी घोषित कराना शामिल था। बाद में अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जॉर्जिया में उसकी मौजूदगी का पता लगाया गया और प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की गई।
कई देशों के सहयोग से संभव हुई वापसी
इस अभियान में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), जॉर्जिया स्थित भारतीय दूतावास तथा कजाखस्तान स्थित भारतीय मिशन ने अहम भूमिका निभाई। हरियाणा STF ने जॉर्जिया और कजाखस्तान की संबंधित एजेंसियों का भी सहयोग के लिए आभार जताया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय का एक सफल उदाहरण है।






