Cyber Crime: साइबर अपराध नियंत्रण में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल, 949 ठग गिरफ्तार, पीड़ितों को लौटाए ₹2.51 करोड़

Cyber Crime: साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के चलते हरियाणा देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। साइबर ठगी के पीड़ितों को धनवापसी, अपराधियों की गिरफ्तारी और अंतरराज्यीय समन्वय जैसे प्रमुख क्षेत्रों में राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर रहा है। यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में दी गई।
धनवापसी में राष्ट्रीय औसत से पांच गुना बेहतर प्रदर्शन
बैठक में बताया गया कि 22 जुलाई 2026 तक राज्य में दर्ज 14,731 साइबर अपराध मामलों में से 38 प्रतिशत मामलों में पीड़ितों को धनवापसी के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 8 प्रतिशत है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के जरिए अब तक 2.51 करोड़ रुपये साइबर ठगी के पीड़ितों को वापस दिलाए जा चुके हैं।
97% मामलों में अंतरराज्यीय सहयोग
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) चारू बाली ने बताया कि अन्य राज्यों से प्राप्त 9,437 सहायता अनुरोधों में से 9,156 मामलों का सफल निस्तारण किया गया, जो 97 प्रतिशत की प्रतिक्रिया दर को दर्शाता है। इससे साइबर अपराधों की जांच में हरियाणा पुलिस की सक्रिय भूमिका सामने आई है।
ई-जीरो एफआईआर से तेज हुई कार्रवाई
25 जून 2026 से लागू ई-जीरो एफआईआर प्रणाली के तहत डायल-1930 पर एक लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों को स्वतः संबंधित साइबर पुलिस थानों में भेजा जा रहा है। अब तक 233 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 204 मामलों में नियमित एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अवैध वेबसाइटों और लिंक पर बड़ी कार्रवाई
राज्य सरकार ने साइबर अपराध से जुड़े अवैध ऑनलाइन कंटेंट पर भी सख्ती दिखाई है। वर्ष 2026 में अब तक 15,853 अवैध यूआरएल हटाए जा चुके हैं, जबकि पूरे वर्ष 2025 में यह संख्या 5,169 थी। यानी इस साल अब तक लगभग तीन गुना अधिक कार्रवाई की गई है।
949 साइबर ठग गिरफ्तार, हजारों मोबाइल और सिम जब्त
पुलिस अधीक्षक (साइबर) मयंक गुप्ता ने बताया कि जनवरी 2025 से 22 जुलाई 2026 तक 491 सुओ मोटू एफआईआर दर्ज की गईं और 949 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 772 मोबाइल फोन और 1,481 सिम कार्ड बरामद किए गए।
इसके अलावा 55,323 मोबाइल नंबर और उनसे जुड़े 25,202 IMEI नंबर भी तकनीकी निगरानी के माध्यम से ब्लॉक किए गए, जिससे साइबर ठगी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सका।
साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने पर जोर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र का विस्तार किया गया है और शिकायतों के त्वरित निस्तारण, तकनीकी निगरानी तथा अंतरराज्यीय सहयोग के जरिए साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
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