पंच तीर्थ यात्रा रवाना: डॉ. अंबेडकर के विचारों से जुड़ेंगे श्रद्धालु, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिखाई हरी झंडी

चंडीगढ़, 14 जून। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और संघर्ष से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कराने के उद्देश्य से रविवार को पंच तीर्थ यात्रा का शुभारंभ किया गया। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने तीन वोल्वो बसों को हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं के जत्थे को रवाना किया। यह विशेष यात्रा 14 जून से 21 जून तक आयोजित की जा रही है, जिसमें करीब 150 श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं। यात्रा का उद्देश्य बाबा साहेब के सामाजिक न्याय, समानता और संविधान निर्माण में दिए गए योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है।
बाबा साहेब से जुड़े पांच प्रमुख तीर्थों का होगा दर्शन
यात्रा के दौरान श्रद्धालु डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे। इनमें महू, दीक्षाभूमि, चैत्यभूमि, महापरिनिर्वाण स्थल और लंदन स्थित शिक्षा से जुड़ी स्मृति को दर्शाने वाला वर्चुअल केंद्र शामिल है। आयोजकों के अनुसार इन स्थलों का विकास और संरक्षण केंद्र सरकार द्वारा विशेष प्राथमिकता के साथ किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां बाबा साहेब के जीवन दर्शन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को बेहतर ढंग से समझ सकें।
सामाजिक जागरूकता का भी अभियान
कार्यक्रम के दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंच तीर्थ केवल धार्मिक या स्मारक स्थलों की यात्रा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों को समझने का एक अवसर भी है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी देश को समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।
पूर्व आईएएस अधिकारी करेंगे नेतृत्व
यात्रा का नेतृत्व भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी एस.आर. लद्धड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद समाज के हर वर्ग तक डॉ. अंबेडकर का संदेश पहुंचाना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना है।
क्या है पंच तीर्थ की विशेषता?
डॉ. अंबेडकर से जुड़े पांचों स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली है। ये स्थान उनके जन्म, शिक्षा, बौद्ध दीक्षा, सामाजिक आंदोलन और अंतिम संस्कार से जुड़े ऐतिहासिक पड़ावों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन स्थलों के माध्यम से देशभर के लोग बाबा साहेब के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके विचारों को करीब से जान सकते हैं।






