PM मोदी ने जींद से रचा इतिहास: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, हरियाणा बना ग्रीन ट्रांसपोर्ट का नया केंद्र
14,721 करोड़ रुपये की 9 परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, जींद को मिले विकास और हरित परिवहन के दोहरे उपहार

Haryana News : हरियाणा के जींद ने शुक्रवार को देश के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। PM नरेंद्र मोदी ने यहां से देश की पहली और दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ईंधन आधारित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने करीब 14,721 करोड़ रुपये की लागत वाली 9 बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इस ऐतिहासिक पहल के साथ हरियाणा ने स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
PM मोदी के साथ मंच पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
‘जींद का घी वही, लेकिन जींद के तेवर बदल गए’
सभा को संबोधित करते हुए PM नरेंद्र मोदी ने हरियाणवी अंदाज में लोगों का अभिवादन किया और कहा कि जींद केवल एक शहर नहीं, बल्कि वीरता, संस्कृति और आस्था की भूमि है। उन्होंने यहां की प्रसिद्ध मुर्रा भैंस, देसी घी, बूरा और घेवर का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ स्वाद तो वही रहा, लेकिन अब जींद का विकास और सोच नई दिशा में आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि आज जींद सुशासन और विकास की नई पहचान बन रहा है तथा यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की विकास नीति का परिणाम है।
हाइड्रोजन ट्रेन से शुरू हुआ भारतीय रेलवे का नया दौर
PM मोदी ने कहा कि भारत की पहली ट्रेन कभी मुंबई से ठाणे के बीच चली थी और अब आने वाले वर्षों में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन की चर्चा होगी, तब जींद और हरियाणा का नाम भी गर्व के साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 19वीं सदी की रेलवे स्टीम इंजन से पहचानी जाती थी, 20वीं सदी में डीजल और बिजली ने जगह बनाई, जबकि 21वीं सदी में हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक भविष्य की पहचान बनेगी। इससे प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा के स्वदेशी एवं स्वच्छ विकल्पों को बढ़ावा मिलेगा।
स्वच्छता अभियान की भी सराहना
PM मोदी ने जींद के नागरिकों द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से इसकी चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली बनाने का आह्वान किया।
ऊर्जा सुरक्षा पर भी दिया बड़ा संदेश
अपने संबोधन में PM मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत की रेलवे व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई क्योंकि पिछले वर्षों में रेलवे का बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि वर्षों पहले जैसी स्थिति होती, जब अधिकांश रेलगाड़ियां डीजल पर निर्भर थीं, तो ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने से रेलवे संचालन पर गंभीर असर पड़ सकता था। आज भारत ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और हाइड्रोजन ट्रेन उसी सोच का हिस्सा है।
पांच राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा जींद
PM मोदी ने दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा हिस्से, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग और अंबाला-कालाअंब फोरलेन परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब जींद पांच राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ चुका है, जिससे किसानों, पशुपालकों, उद्योगों और पर्यटन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी, उद्योगों को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
खिलाड़ियों के लिए भी बड़ी उम्मीद
PM मोदी ने कहा कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा के दौरान खेल क्षेत्र में सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। इससे भारतीय खिलाड़ियों, विशेषकर हरियाणा के युवाओं को प्रशिक्षण और खेल उद्योग में नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भी लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अभी से युवा खिलाड़ियों को तैयार करना जरूरी है।
क्यों खास है हाइड्रोजन ट्रेन?
हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण अनुकूल मानी जाती है। इसमें ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का उपयोग होता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहता है और केवल जलवाष्प निकलती है। यह तकनीक भारत के हरित ऊर्जा मिशन और नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।







