Reliance Green Energy : जामनगर से शुरू हुई हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल की सप्लाई

Reliance Green Energy : देश की दिग्गज कंपनी Reliance Industries ने अपने ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाते हुए जामनगर स्थित धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स से हाई-एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल की पहली खेप की डिलिवरी शुरू कर दी है। कंपनी के अनुसार शुरुआती चरण में 200 मेगावाट क्षमता वाले सोलर मॉड्यूल की सप्लाई की गई है।
Reliance अब इस प्रोजेक्ट की उत्पादन क्षमता को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर सालाना 10 गीगावाट तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 20 गीगावाट क्षमता तक पहुंचाने की भी योजना बनाई गई है।
नए सोलर मॉड्यूल से ज्यादा बिजली उत्पादन का दावा
Reliance कंपनी का कहना है कि नए तकनीक आधारित सोलर मॉड्यूल मौजूदा पैनलों की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक बिजली उत्पादन करने में सक्षम होंगे। साथ ही इनकी क्षमता घटने की गति भी कम रहेगी, जिससे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन और अधिक ऊर्जा उत्पादन संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक हाई-एफिशिएंसी मॉड्यूल भविष्य में बड़े सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स की लागत कम करने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
5000 एकड़ में विकसित हो रहा विशाल ग्रीन एनर्जी कॉम्प्लेक्स
जामनगर में करीब 5000 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस मेगा प्रोजेक्ट में सोलर पैनल निर्माण के साथ-साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) फैक्टरी भी बनाई जा रही है। Reliance कंपनी ने बताया कि बैटरी फैक्टरी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में सालाना 40 गीगावाट घंटे क्षमता विकसित की जाएगी, जिसे बाद में बढ़ाकर 100 GWh तक पहुंचाने की योजना है। इन बैटरियों का उपयोग बड़े बिजली प्रोजेक्ट्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में किया जाएगा।
कच्छ में बन रहा विशाल रिन्युएबल एनर्जी हब
Reliance गुजरात के कच्छ क्षेत्र में करीब 5.5 लाख एकड़ में एक बड़े रिन्युएबल एनर्जी हब का निर्माण भी कर रही है। यहां बड़े पैमाने पर सोलर मॉड्यूल और बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाए जाएंगे। कंपनी का दावा है कि आने वाले समय में यह परियोजना भारत की कुल बिजली जरूरत का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा पूरा करने की क्षमता विकसित कर सकती है।
ग्रीन हाइड्रोजन और बायो-एनर्जी पर भी फोकस
Reliance सिर्फ सौर ऊर्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और बायो-एनर्जी सेक्टर में भी बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। कंपनी द्वारा घोषित 75 हजार करोड़ रुपये के निवेश के तहत स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। कंपनी का अनुमान है कि ग्रीन एनर्जी से जुड़े इन प्रोजेक्ट्स के जरिए आने वाले वर्षों में दो लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार को भी मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।






