Hamirpur Bridge Collapse: बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहा, 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत

Hamirpur Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के समय कई मजदूर पुल के नीचे और आसपास मौजूद थे, जिनमें से छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और राहत-बचाव अभियान तेज कर दिया गया।
यह दुर्घटना कुरारा थाना क्षेत्र के मोरकंदर परसानी से नैथी गांव को जोड़ने वाले पुल निर्माण स्थल पर हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक रात करीब तीन बजे मौसम अचानक खराब हो गया। तेज आंधी और भारी बारिश के दौरान पुल की सटरिंग, स्लैब और सपोर्टिंग ढांचा भरभराकर गिर पड़ा।
सो रहे मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार हादसे के समय कई मजदूर पुल के निर्माण वाले हिस्से में ही आराम कर रहे थे। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाकर लोगों को निकालने की कोशिश शुरू की। कुछ ही देर में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई। बचाव दल जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाने में जुटा रहा। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि कुछ और मजदूर मलबे में दबे हो सकते हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान
इस दर्दनाक हादसे में जिन मजदूरों की मौत हुई है, उनमें बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र के रहने वाले लोकेंद्र निषाद और कुलदीप निषाद शामिल हैं। इसके अलावा भूरागढ़ निवासी सावंत यादव और सभाजीत, हमीरपुर जिले के स्वासा खुर्द गांव निवासी पुष्पेंद्र सिंह चौहान तथा अचपुरा निवासी 42 वर्षीय राजेश पाल की भी मौत हो गई। मृतकों के परिवारों में घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। कई परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद पुल निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। खराब मौसम के बावजूद निर्माण सामग्री और अस्थायी ढांचे की मजबूती को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे की वजहों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में पसरा मातम, बचाव कार्य जारी
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और भय का माहौल है। प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मलबा पूरी तरह हट नहीं जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
हादसे का प्रभाव
हमीरपुर पुल हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून और खराब मौसम के दौरान निर्माण स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है। इस हादसे के बाद प्रदेशभर में चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा समीक्षा की मांग भी तेज हो सकती है।






