S. Janaki Death News: 48 हजार से ज्यादा गीतों की अमर आवाज हुई खामोश, दिग्गज गायिका एस. जानकी का 88 वर्ष की उम्र में निधन
भारतीय फिल्म संगीत की दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी का मैसूर में निधन हो गया। छह दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने लगभग 20 भाषाओं में 48 हजार से ज्यादा गीत गाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देशभर की राजनीतिक और फिल्मी हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

S. Janaki Death News: भारतीय सिनेमा की महान पार्श्व गायिका एस. जानकी अब हमारे बीच नहीं रहीं। शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में 88 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार के अनुसार, शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में परेशानी होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही संगीत जगत, फिल्म उद्योग और लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ से उन्होंने कई पीढ़ियों को यादगार गीतों की सौगात दी।
पोती ने साझा किया भावुक संदेश
एस. जानकी की पोती अप्सरा वैद्युला ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए बताया कि उनकी दादी ने शांतिपूर्वक इस दुनिया को अलविदा कहा। उन्होंने लिखा कि दुनिया ने एक महान गायिका को खोया है, जबकि परिवार ने अपनी स्नेहमयी दादी को। उन्होंने लोगों से इस कठिन समय में परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एस. जानकी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना भारतीय संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं में गाए उनके गीत आने वाले वर्षों तक संगीत प्रेमियों को प्रेरित और भावुक करते रहेंगे।
छह दशक का शानदार संगीत सफर
23 अप्रैल 1938 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के पल्लापटला गांव में जन्मीं एस. जानकी ने महज 19 वर्ष की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा। 1957 में उन्होंने तमिल फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की और इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, हिंदी, ओड़िया, बांग्ला, पंजाबी, उर्दू, तुलु सहित लगभग 20 भारतीय भाषाओं में 48 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए। दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनकी लोकप्रियता असाधारण रही और उन्हें प्रेम से “जानकी अम्मा” कहा जाता था।
हिंदी फिल्मों में भी छोड़ी अमिट छाप
दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ-साथ एस. जानकी ने हिंदी सिनेमा में भी कई यादगार गीत गाए। उनके चर्चित गीतों में “यार बिना चैन कहां रे” और अमिताभ बच्चन व श्रीदेवी पर फिल्माया गया “गोरी का सजन, सजन की गोरी” आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं। संगीतकार बप्पी लाहिड़ी के साथ उनकी जोड़ी को भी काफी सराहा गया।
चार राष्ट्रीय पुरस्कार, लेकिन पद्म भूषण लेने से किया इनकार
अपने शानदार करियर में एस. जानकी को चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 33 राज्य फिल्म पुरस्कार और अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिले। वर्ष 2013 में उन्होंने पद्म भूषण सम्मान स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा था कि उनके योगदान को बहुत देर से सम्मानित किया गया। उनका मानना था कि भारतीय संगीत में उनके योगदान को और अधिक सम्मान मिलना चाहिए।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
परिवार की इच्छा के अनुसार, रविवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को मैसूर के महाराजा कॉलेज मैदान में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद मैसूर के कनियानहुंडी गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। कर्नाटक सरकार ने उनके अंतिम संस्कार की सभी तैयारियों के निर्देश दिए हैं। कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, अभिनेता और संगीत जगत की हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।







