सोनिया गांधी का केंद्र पर हमला: ‘छात्रों की आवाज दबाई जा रही’, PM मोदी ने सख्त कानून का दिया भरोसा

नई दिल्ली। देश में शिक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पेपर लीक जैसे मामलों से निपटने के लिए सरकार कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सोनिया गांधी ने अपने एक लेख में कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके आंदोलनों के प्रति कठोर रवैया अपना रही है। उनके अनुसार युवाओं में बढ़ती निराशा का एक बड़ा कारण शिक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याएं और जवाबदेही की कमी है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों के सवालों को सुनना और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए रचनात्मक संवाद और ठोस नीतिगत फैसलों की आवश्यकता है।
प्रदर्शनों को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
सोनिया गांधी ने छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। उनका मानना है कि असहमति की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए।
PM मोदी ने सख्त कानून का दिया भरोसा
दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी अपने रिकॉर्डेड संदेश में कहा कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक कानूनी व्यवस्था तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून में दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस विधेयक को संसद के मानसून सत्र में पेश किए जाने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पिछले कुछ महीनों से छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा आयोजित कर और समय पर परिणाम घोषित करके लाखों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने से बचाया गया।







