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अवैध लिंग जांच पर हरियाणा का बड़ा अभियान, यूपी से मांगा और मजबूत सहयोग

ACS डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा- राज्यों के संयुक्त प्रयासों से ही टूटेगा लिंग जांच का अवैध नेटवर्क

चंडीगढ़, 16 जून। कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग जांच के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने की पहल की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस दिशा में सहयोग मजबूत करने का आग्रह किया है, ताकि लिंग जांच से जुड़े अवैध गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) अमित कुमार घोष को भेजे गए पत्र में डॉ. मिश्रा ने कहा कि दोनों राज्यों का साझा उद्देश्य बेटियों के अधिकारों की रक्षा करना और जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।

सीमाओं से बाहर जाकर भी कार्रवाई कर रहा हरियाणा

डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में PC&PNDT एक्ट के तहत गठित विशेष टीमें लगातार डिकॉय ऑपरेशन और छापेमारी अभियान चला रही हैं। जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच राज्य में कुल 84 कार्रवाई की गईं, जिनमें से 37 ऑपरेशन उत्तर प्रदेश में संचालित किए गए। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा सरकार अवैध लिंग जांच के मामलों में राज्य की सीमाओं से परे जाकर भी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका अहम

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों द्वारा अब तक दिए गए सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच मजबूत तालमेल से ऐसे अभियानों की सफलता और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि छापेमारी, एफआईआर दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी, अभियोजन और दोषियों को सजा दिलाने जैसी प्रक्रियाओं में प्रशासनिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सीमावर्ती जिलों को निर्देश देने का अनुरोध

डॉ. मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि हरियाणा से लगते जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। इससे हरियाणा की PC&PNDT टीमों को संयुक्त कार्रवाई के दौरान आवश्यक पुलिस और प्रशासनिक सहायता समय पर मिल सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों से जुड़े अदालती मुकदमों की नियमित समीक्षा और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा मिल सके।

क्यों जरूरी है PC&PNDT एक्ट?

देश में कन्या भ्रूण हत्या और लिंग आधारित भेदभाव को रोकने के लिए प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PC&PNDT) एक्ट लागू किया गया था। यह कानून गर्भ में पल रहे शिशु के लिंग की पहचान और उससे जुड़े किसी भी प्रकार के अवैध प्रचार या गतिविधि को प्रतिबंधित करता है।

हरियाणा लंबे समय तक गिरते लिंगानुपात की चुनौती का सामना करता रहा है। हालांकि पिछले वर्षों में जागरूकता अभियानों, सख्त कानूनों और लगातार प्रवर्तन कार्रवाई के चलते राज्य में जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार दर्ज किया गया है।

Author

  • अमर सिंह
    संस्थापक एवं एडिटर | Rashtra Khabar News

    अमर सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 19 वर्षों का अनुभव है। वे प्रतिष्ठित समाचार चैनलों में वीडियो जर्नलिस्ट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे Hindxpress Media House के संस्थापक हैं और Rashtra Khabar News के माध्यम से हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित देशभर की खबरों एवं जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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