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रमज़ान 2026 : कब से शुरू होगा पाक महीना? सेहरी-इफ़्तार की दुआ, नीयत और रोज़े का पूरा महत्व

चाँद की रूयत पर टिकी शुरुआत, जानिए रोज़ा रखने और खोलने की सही दुआ

Ramzan 2026 Update: दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रमज़ान का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। साल 2026 में रमज़ान की शुरुआत चाँद दिखने पर निर्भर करेगी। खगोलीय अनुमान के अनुसार यह महीना मार्च 2026 के आसपास शुरू हो सकता है, हालांकि अंतिम फैसला चाँद की रूयत के बाद ही होगा।

रमज़ान इस्लाम के पाँच स्तंभों में शामिल रोज़े का महीना है। सेहरी (सुहूर) से लेकर सूर्यास्त तक रखा जाने वाला रोज़ा आत्मसंयम, सब्र और अल्लाह की इबादत का प्रतीक है।

सेहरी की नीयत: रोज़ा शुरू करने से पहले क्या पढ़ें?

रोज़ा रखने से पहले दिल में पक्का इरादा (नीयत) करना जरूरी माना गया है। कई लोग यह दुआ पढ़ते हैं:

अरबी दुआ:
“वा बिसावमी ग़दीन नवायतु मिन शहरी रमज़ान।”

English Meaning:
“I intend to keep the fast tomorrow in the month of Ramadan.”

इस्लामी विद्वानों के अनुसार नीयत दिल से करना पर्याप्त है। यह वाक्य प्रचलित नीयत है, जिसे लोग याद रखने के लिए पढ़ते हैं।

इफ़्तार की दुआ: रोज़ा खोलते समय क्या पढ़ें?

सूर्यास्त और मग़रिब की अज़ान के साथ रोज़ा खोला जाता है। आमतौर पर यह दुआ पढ़ी जाती है:

अरबी दुआ:
“अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु वा बिका आमंतु वा ‘अलैयका तवक्कलतु वा ‘अला रिज़्किका अफ़्तार्तु।”

English Meaning:
“O Allah, I fasted for You, I believe in You, I put my trust in You, and with Your sustenance I break my fast.”

रोज़ा खोलने के बाद यह दुआ भी पढ़ी जाती है:

“ज़हाबा अज़-ज़मा’उ वबतलतिल ‘उरूक़ वा थबतल अजरु इन शा अल्लाह।”

अर्थ:
“प्यास खत्म हो गई, नसें तर हो गईं और अगर अल्लाह ने चाहा तो सवाब निश्चित है।”

Muhammad की सुन्नत और इफ़्तार की परंपरा

इस्लामी परंपरा के अनुसार पैगंबर हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) खजूर और पानी से रोज़ा खोलते थे। यही कारण है कि आज भी मुसलमान खजूर से इफ़्तार करना पसंद करते हैं। इफ़्तार का समय दुआ की कुबूलियत के लिए खास माना जाता है। कई जगहों पर मस्जिदों और सामाजिक संगठनों द्वारा सामूहिक इफ़्तार का आयोजन किया जाता है।

रोज़ा क्यों रखा जाता है?

रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है। इसका मकसद है:

  • आत्मसंयम विकसित करना
  • गरीबों और जरूरतमंदों के दर्द को समझना
  • सब्र और कृतज्ञता की भावना बढ़ाना
  • आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त करना

रमज़ान के दौरान मुसलमान नमाज़, कुरान पाठ और दान (ज़कात/फ़ित्रा) पर विशेष ध्यान देते हैं।

समाज और आध्यात्मिक जीवन पर असर

रमज़ान का महीना सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करता है। सेहरी और इफ़्तार के दौरान परिवार एक साथ बैठते हैं, जिससे आपसी संबंध मजबूत होते हैं।रोज़ा इंसान को यह एहसास कराता है कि असली ताकत और रोज़ी का स्रोत अल्लाह है। यह महीना इंसान को विनम्रता और अनुशासन सिखाता है।

इफ़्तार क्या है?

इफ़्तार वह समय है जब सूर्यास्त के साथ रोज़ा समाप्त होता है। मग़रिब की नमाज़ के बाद खजूर और पानी से रोज़ा खोलकर हल्का या पूरा भोजन किया जाता है। यह पल शुक्रगुज़ारी और करुणा का प्रतीक है।

FAQ Section

  • रमज़ान 2026 कब से शुरू होगा?

रमज़ान की शुरुआत चाँद दिखने पर निर्भर करती है। अनुमान है कि मार्च 2026 में इसकी शुरुआत हो सकती है।

  •  क्या रोज़ा रखने के लिए दुआ पढ़ना जरूरी है?

नीयत दिल से करना पर्याप्त है। दुआ पढ़ना परंपरा और याद रखने का तरीका है।

  •  इफ़्तार में पहले क्या खाना चाहिए?

सुन्नत के अनुसार खजूर और पानी से रोज़ा खोलना बेहतर माना जाता है।

(नोट)

रमज़ान की शुरुआत चाँद की रूयत पर निर्भर करती है। स्थानीय उलेमा या मस्जिद कमेटी की घोषणा को अंतिम माना जाए।

Author

  • अमर सिंह पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने टोटल टीवी और MH One News सहित कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में वीडियो जर्नलिस्ट के रूप में कार्य किया है।

    वर्तमान में वे Hindxpress Media House के संस्थापक हैं और Rashtr Khabar डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म का संचालन कर रहे हैं। Rashtr Khabar तेज़, सटीक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित समाचारों के लिए प्रतिबद्ध है तथा राजनीति, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, व्यापार, शिक्षा, अपराध, खेल, मनोरंजन और टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न विषयों की विश्वसनीय खबरें प्रकाशित करता है।

    अमर सिंह का उद्देश्य निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है।

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