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केदारनाथ-बदरीनाथ मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक, चारधाम यात्रा 2026 से पहले बड़ा फैसला

चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच बदरी-केदार मंदिर समिति का बड़ा निर्णय, मंदिर परिसर और गर्भगृह में गैर सनातनियों की एंट्री पर लगेगा प्रतिबंध

Kedarnath Badrinath Entry Ban : चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत से पहले एक बड़ा निर्णय सामने आया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने फैसला किया है कि अब केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर परिसर में गैर सनातनी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय मंदिर की धार्मिक परंपराओं और पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया बताया जा रहा है। समिति के अनुसार यह नियम सिर्फ दो प्रमुख धामों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके अधीन आने वाले उत्तराखंड के करीब 47 मंदिरों में भी लागू किया जाएगा।

19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा

हर साल लाखों श्रद्धालु हिमालय की कठिन परिस्थितियों के बावजूद चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं। इस वर्ष यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली है। इसी दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासन और मंदिर समिति इस बार यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए नियम लागू कर रही है। इससे पहले सरकार की ओर से चारधाम क्षेत्र में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया जा चुका है।

मंदिर समिति ने क्यों लिया यह फैसला?

Badrinath Kedarnath Temple Committee

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह निर्णय तीर्थ स्थलों की धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक, चारधाम में आने वाले श्रद्धालु यहां तीर्थाटन और आस्था के उद्देश्य से ही आएं, यही सुनिश्चित करना समिति की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध मुख्य रूप से मंदिर परिसर और गर्भगृह तक सीमित रहेगा। वहीं, कई लोगों की रोज़ी-रोटी चारधाम यात्रा से जुड़ी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंदिर समिति सिर्फ धार्मिक क्षेत्र में नियम लागू करेगी।

बजट बैठक में पास हुआ प्रस्ताव

यह निर्णय हाल ही में आयोजित मंदिर समिति की बजट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता हेमंत द्विवेदी ने की, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 121.7 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया गया। इसी बैठक में बदरीनाथ, केदारनाथ सहित समिति के अधीन आने वाले 47 मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

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चारधाम यात्रा का धार्मिक महत्व

चारधाम यात्रा को हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में गिना जाता है। हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों तक पहुंचना आसान नहीं होता। कठिन मौसम, लंबी पैदल यात्रा और ऊंचाई के बावजूद हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस यात्रा को आध्यात्मिक शुद्धि और मोक्ष से भी जोड़ा जाता है।

फैसले पर देशभर में हो सकती है चर्चा

मंदिर समिति के इस फैसले के बाद देशभर में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। एक तरफ समर्थक इसे धार्मिक परंपराओं की रक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग इसे धार्मिक समावेशिता के नजरिये से भी देख सकते हैं।

हालांकि, समिति का कहना है कि यह कदम सिर्फ धार्मिक मर्यादा और तीर्थस्थलों की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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  • अमर सिंह पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने टोटल टीवी और MH One News सहित कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में वीडियो जर्नलिस्ट के रूप में कार्य किया है।

    वर्तमान में वे Hindxpress Media House के संस्थापक हैं और Rashtr Khabar डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म का संचालन कर रहे हैं। Rashtr Khabar तेज़, सटीक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित समाचारों के लिए प्रतिबद्ध है तथा राजनीति, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, व्यापार, शिक्षा, अपराध, खेल, मनोरंजन और टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न विषयों की विश्वसनीय खबरें प्रकाशित करता है।

    अमर सिंह का उद्देश्य निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है।

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