सिंधु जल संधि पर मनिंदरजीत सिंह बिट्टा का बड़ा बयान, बोले- “देशहित सर्वोपरि, पहले भारत की चिंता जरूरी”
लुधियाना में ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन ने पाकिस्तान के साथ संबंधों और जल मुद्दे पर रखी स्पष्ट राय

लुधियाना, पंजाब। सिंधु जल संधि को लेकर जारी चर्चाओं के बीच ऑल इंडिया एंटी-टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि भारत के संसाधनों और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियां, बांध और पानी भारत की संपत्ति हैं और इनसे जुड़े हर फैसले में देश का हित सबसे ऊपर होना चाहिए।
बिट्टा ने कहा कि भारत ने वर्षों तक संधि के तहत पाकिस्तान को पानी उपलब्ध कराया है और पड़ोसी देश के साथ रिश्तों को सामान्य बनाए रखने की दिशा में भी कई सकारात्मक प्रयास किए हैं। उनके अनुसार, भारत की ओर से हमेशा संवाद और शांति की पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के संबंध सामान्य होना दोनों देशों के लिए बेहतर होगा, लेकिन किसी भी निर्णय से पहले भारत के राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उनका कहना था कि देश से जुड़े मुद्दों पर सबसे पहले भारत के नागरिकों और देश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
राष्ट्रीय हित पर दिया जोर
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि देश के संसाधनों के उपयोग और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को लेकर कोई भी फैसला भारत के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की जरूरतों से समझौता नहीं किया जा सकता।






