लखीसराय अशोकधाम भगदड़ में मौत का आंकड़ा 8 पहुंचा, CM सम्राट चौधरी ने किया मुआवजे का ऐलान

लखीसराय: बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर हुए दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे थे। इसी दौरान बिजली का पोल और तार गिरने की खबर के बाद करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई और देखते ही देखते भीड़ में भगदड़ मच गई।
अफरातफरी के दौरान कई श्रद्धालु गिर पड़े और एक-दूसरे के नीचे दब गए। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार को प्राथमिकता दी जा रही है।
मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता
घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख जताया है। सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। साथ ही अधिकारियों को घायलों के बेहतर और तत्काल इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
अफवाह बनी भगदड़ की बड़ी वजह
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंदिर के बाहर एक बिजली का पोल और तार गिरने की स्थिति बनी थी। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच करंट फैलने की बात तेजी से फैल गई। डर के कारण लोगों ने सुरक्षित स्थान की ओर भागना शुरू कर दिया।
भीड़ का दबाव बढ़ने से रास्ते में लगी बैरिकेडिंग भी टूट गई और कई श्रद्धालु नीचे गिर गए। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए।
ललन सिंह ने जताया दुख
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सावन के तीसरे सोमवार को अचानक भीड़ बढ़ी और बिजली के तार से जुड़ी अफवाह के बाद भगदड़ की स्थिति पैदा हुई।
जिम्मेदार लोगों पर होगी कार्रवाई
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि किसी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से स्थिति की जानकारी लेकर राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना ने भारी भीड़ वाले धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, बिजली सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








