अनिल विज का कांग्रेस पर हमला, बोले- हार का मातम मना रही है पार्टी; फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भी किया पलटवार

अंबाला, हरियाणा: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने रविवार को अंबाला में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना। कार्यक्रम के बाद उन्होंने इसे देशवासियों के साथ जुड़ने और विचार साझा करने का माध्यम बताया। इस दौरान विज ने जैविक खेती, फसल विविधीकरण और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के संदेश पर चर्चा की। वहीं, कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘वोट चोरी’ रैली और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर संबंधी बयान को लेकर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी।
‘मन की बात’ को बताया परिवार मिलन कार्यक्रम
अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने के अंतिम रविवार को ‘मन की बात’ के जरिए देश के लोगों से संवाद करते हैं। उनके मुताबिक, यह कार्यक्रम एक परिवार के सदस्यों के बीच होने वाली बातचीत जैसा है, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे नवाचारों, उपलब्धियों और सकारात्मक प्रयासों का उल्लेख किया जाता है।
विज ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री ने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी जमीन के एक हिस्से में जैविक खेती करने का सुझाव दिया गया, ताकि रासायनिक पदार्थों पर निर्भरता कम करने और लोगों तक बेहतर खाद्य उत्पाद पहुंचाने की दिशा में काम किया जा सके।
स्वदेशी उत्पादों और फसल विविधीकरण पर जोर
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि खेती में विविधता लाना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। फसल विविधीकरण के जरिए कृषि के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ने और अलग-अलग विकल्प अपनाने की संभावनाओं पर ध्यान दिया जा सकता है।
विज ने त्योहारों के मौसम का जिक्र करते हुए स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे अवसरों पर स्थानीय उत्पादों की खरीद से देश में बने सामान को प्रोत्साहन मिल सकता है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री का संदेश देश में निर्मित वस्तुओं को अपनाने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने से जुड़ा है।
छठ पूजा और ए-संजीवनी पर भी बोले अनिल विज
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में छठ पूजा से संबंधित संदेश का उल्लेख करते हुए विज ने बताया कि अंबाला में भी बड़ी संख्या में लोग यह पर्व मनाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर में छठ पूजा के लिए घाट बनवाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके।
इसके अलावा, विज ने ए-संजीवनी स्वास्थ्य सेवा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री थे, तब राज्य में इस सेवा की शुरुआत की गई थी और इससे लोगों को लाभ मिला। ए-संजीवनी जैसी टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूर बैठे मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ रैली पर निशाना
दिल्ली में 1 नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर अनिल विज ने पार्टी पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन को चुनावी हार के बाद मातम मनाने जैसा बताया और आरोप लगाया कि पार्टी को जनता के बीच जाकर अपनी बात रखनी चाहिए।
विज ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बनाने का रास्ता चुनाव जीतकर जनता का समर्थन हासिल करना है। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह सरकार की नीतियों और कमियों को लेकर जनता के बीच जाए और अपने पक्ष में समर्थन जुटाए।
हरियाणा के मंत्री ने कांग्रेस के पिछले प्रदर्शनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ कदमों से देश में अव्यवस्था फैलने की आशंका पैदा होती है। हालांकि, ये आरोप अनिल विज के राजनीतिक बयान हैं।
1984 के सिख विरोधी नरसंहार का किया जिक्र
अनिल विज ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली की तारीख पर भी सवाल उठाया। उन्होंने 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और उसके बाद 1 नवंबर से शुरू हुए सिख विरोधी हिंसा के दौर का उल्लेख किया।
विज ने कहा कि कांग्रेस को इस तारीख पर कार्यक्रम आयोजित करने के संबंध में दोबारा विचार करना चाहिए। उनका यह बयान ऐतिहासिक घटनाओं और कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका को लेकर जारी बहस के संदर्भ में आया है।
फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर संबंधी बयान पर पलटवार
फारूक अब्दुल्ला के उस कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें कश्मीरियों की सुरक्षा और पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने का उल्लेख था, अनिल विज ने कड़ा विरोध जताया।
विज ने फारूक अब्दुल्ला पर पाकिस्तान के प्रति अधिक लगाव रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राज्य की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर की तुलना पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से करते हुए कहा कि कश्मीर भी भारत का अभिन्न हिस्सा है। विज ने यह भी दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले को कश्मीर में व्यापक समर्थन मिला है।







