चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने विशेष बच्चों की प्रतिभा को सराहा, बोले- हर बच्चे को मिले समान अवसर

Chandigarh News: चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने मनीमाजरा स्थित साधना वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलेक्चुअली चैलेंज्ड में आयोजित दशहरा समारोह में विशेष बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता की सराहना की। कार्यक्रम में उन्होंने समावेशी समाज बनाने पर जोर देते हुए कहा कि हर बच्चे को सम्मान, प्रोत्साहन और अपनी क्षमताओं को निखारने के समान अवसर मिलने चाहिए।
‘समाज की असली ताकत हर व्यक्ति को सम्मान देने में है’
मेयर सौरभ जोशी ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में कुछ खास खूबियां होती हैं, जिन्हें पहचानने और प्रोत्साहित करने की जरूरत है। बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों को आगे बढ़ने के लिए उचित सहयोग, सम्मान और अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मेयर ने कहा कि समाज की असली ताकत हर व्यक्ति को सम्मान और करुणा के साथ अपनाने में है। उन्होंने विशेष बच्चों के आत्मविश्वास और उत्साह की सराहना करते हुए ऐसा वातावरण बनाने की अपील की, जहां हर बच्चा खुद को महत्वपूर्ण महसूस करे और अपनी प्रतिभा दिखा सके।
विशेष बच्चों ने रामलीला का किया मंचन
दशहरा समारोह में विद्यार्थियों ने रामलीला का मंचन कर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया। बच्चों ने आत्मविश्वास और भाव-भंगिमाओं के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं। सुश्री तेजस्विनी शर्मा ने भजन प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम में ‘बुराई पर जीत’ नाम से एक विशेष गतिविधि भी आयोजित की गई। इसमें रावण के सिरों को प्रदूषण, क्रूरता और अन्याय जैसी सामाजिक चुनौतियों के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया।
दशहरे पर सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का संदेश
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह त्योहार समाज में मौजूद भेदभाव, क्रूरता और अन्याय जैसी बुराइयों को खत्म करने का संकल्प लेने का अवसर भी देता है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को ऐसा शहर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं, जहां करुणा, समावेशिता और आपसी सम्मान को प्राथमिकता मिले।
शिक्षकों और अभिभावकों के प्रयासों की सराहना
मेयर ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की क्षमताओं को निखारने और उनमें आत्मनिर्भरता तथा आत्मसम्मान की भावना विकसित करने के लिए संस्थान के प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के लिए राज्य आयुक्त माधवी कटारिया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक और संस्थान के स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
रंगोली और हस्तशिल्प ने बढ़ाई समारोह की रौनक
समारोह में विद्यार्थियों की बनाई रंग-बिरंगी रंगोलियों, गेंदे के फूलों की सजावट और पर्यावरण के अनुकूल हस्तशिल्प ने परिसर को उत्सव के रंगों से भर दिया। संस्थान की अध्यक्ष भावना तयाल ने बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मेयर और अतिथियों का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, खुद को अभिव्यक्त करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देते हैं। कार्यक्रम का समापन मिठाइयों और वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उपहारों के वितरण के साथ हुआ। समारोह ने समावेशिता, एकजुटता और सभी के प्रति सम्मान का संदेश दिया।








