Chandigarh

Chandigarh Chhath Puja 2026: छठ पूजा के बजट में मेयर सौरभ जोशी ने किया बड़ा इजाफा, ₹35.27 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख किया बजट

चंडीगढ़ में 14 से 15 स्थानों पर बनेंगे छठ घाट, F&CC की बैठक में प्रस्ताव पास; पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज के श्रद्धालुओं को मिलेगी घर के नजदीक पूजा की सुविधा

Chandigarh Chhath Puja 2026: छठ महापर्व 2026 को लेकर चंडीगढ़ नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार शहर में छठ पूजा के आयोजन को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। महापौर सौरभ जोशी की पहल पर वित्त एवं अनुबंध समिति (F&CC) ने छठ पूजा के लिए प्रस्तावित बजट को बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की मंजूरी दे दी है। इससे पहले नगर निगम की ओर से 35.27 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया था।

महापौर ने F&CC की बैठक में स्वयं बजट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसे समिति के अन्य सदस्यों ने समर्थन देते हुए पारित कर दिया। इस फैसले के तहत पहले से प्रस्तावित राशि में 14.73 लाख रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है।

नगर निगम की योजना के अनुसार, इस बार चंडीगढ़ में लगभग 14 से 15 स्थानों पर छठ पूजा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इसका उद्देश्य शहर के अलग-अलग सेक्टरों और कॉलोनियों में रहने वाले पूर्वांचल एवं मिथिलांचल समाज के श्रद्धालुओं को पूजा के लिए नजदीकी स्थान उपलब्ध करवाना है।

छठी मैया के भक्तों को नहीं होगी घाटों की तलाश, मेयर ने बताई प्राथमिकता

महापौर सौरभ जोशी ने कहा कि छठ महापर्व पूर्वांचल और मिथिलांचल के लोगों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ पर्व है। चंडीगढ़ में रहने वाले सभी नागरिकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना नगर निगम की जिम्मेदारी है।

उन्होंने बताया कि बजट बढ़ाने का उद्देश्य छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि लोगों को पूजा-अर्चना के लिए दूर न जाना पड़े। स्वच्छता, सुरक्षा, रोशनी और घाटों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

14-15 स्थानों पर होंगे विशेष इंतजाम, इन सुविधाओं पर खर्च होगी रकम

छठ महापर्व 15 और 16 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम शहर के लगभग 14-15 संभावित स्थानों पर व्यवस्थाएं करेगा।

प्रस्तावित स्थलों में मनीमाजरा की इंदिरा कॉलोनी स्थित ग्रीन बेल्ट का तालाब, शिवालिक गार्डन और मौलीजागरां के सुंदर नगर सहित अन्य स्थान शामिल हैं।

इन जगहों पर जरूरत के अनुसार निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है:

  • अस्थायी छठ घाटों का निर्माण।
  • घाटों पर पानी भरने की व्यवस्था।
  • सफाई और स्वच्छता के विशेष इंतजाम।
  • पार्कों की मरम्मत और रंग-रोगन।
  • विद्युत एवं सजावटी लाइटिंग।
  • टेंट और साउंड सिस्टम की व्यवस्था।
  • श्रद्धालुओं के लिए अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं।
  • पूर्वांचल की लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम।

नगर निगम का लक्ष्य है कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को व्यवस्थित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराया जा सके।

ट्राईसिटी मिथिला एसोसिएशन ने मेयर का जताया आभार

छठ पूजा के लिए बजट बढ़ाकर 50 लाख रुपये किए जाने पर ट्राईसिटी मिथिला एसोसिएशन ने महापौर सौरभ जोशी का आभार व्यक्त किया है।

एसोसिएशन के अनुसार, चंडीगढ़ में पूर्वांचल और मिथिलांचल के हजारों परिवार रहते हैं, जिनके लिए छठ महापर्व का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। शहर में इतने बड़े स्तर पर पूजा की तैयारियां किया जाना समाज की परंपराओं और भावनाओं के सम्मान से जुड़ा कदम है।

एसोसिएशन ने इस पहल को छठ व्रतियों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताया।

‘हर संस्कृति और हर समाज का अपना शहर है चंडीगढ़’

महापौर सौरभ जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान यहां की सांस्कृतिक विविधता, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता से है। पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज के लोग भी शहर के विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छठ पूजा स्थलों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएं। साथ ही निर्माण और रखरखाव के कार्यों की गुणवत्ता तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

चंडीगढ़ में क्यों खास है छठ महापर्व?

छठ महापर्व पूर्वांचल और मिथिलांचल के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाता है। इस पर्व में व्रती महिलाएं और पुरुष सूर्यदेव तथा छठी मैया की उपासना करते हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की विशेष परंपरा है।

चंडीगढ़ और ट्राईसिटी में बड़ी संख्या में पूर्वांचल एवं मिथिलांचल के परिवार रहते हैं। ऐसे में शहर के अलग-अलग हिस्सों में छठ घाटों की व्यवस्था करना श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है।

श्रद्धालुओं को क्या होगा फायदा?

बजट में बढ़ोतरी और 14-15 स्थानों पर प्रस्तावित व्यवस्थाओं से छठ व्रतियों को कई तरह की सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर घाट उपलब्ध होने से लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो सकती है। इसके अलावा साफ-सफाई, रोशनी और अस्थायी घाटों की व्यवस्था से पूजा के आयोजन को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

अब निगाहें नगर निगम की तैयारियों पर रहेंगी कि निर्धारित समय से पहले सभी चिह्नित स्थानों पर व्यवस्थाएं किस तरह पूरी की जाती हैं।

Author

  • Amar Singh

    अमर सिंह
    संस्थापक एवं एडिटर | Rashtra Khabar News

    अमर सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 19 वर्षों का अनुभव है। वे प्रतिष्ठित समाचार चैनलों में वीडियो जर्नलिस्ट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे Hindxpress Media House के संस्थापक हैं और Rashtra Khabar News के माध्यम से हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित देशभर की खबरों एवं जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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