हरियाणा में SIR पर कांग्रेस की चिंता, मतदाता सूची को लेकर संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने मांगी पारदर्शिता

चंडीगढ़: हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं होने पर प्रक्रिया की पारदर्शिता और जांच व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
हरियाणा कांग्रेस मामलों के प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा है कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि कोई भी पात्र नागरिक केवल दस्तावेजी कमी, प्रक्रिया संबंधी परेशानी या सत्यापन में देरी के कारण अपने मताधिकार से वंचित न हो।
SIR में 2.06 करोड़ से अधिक मतदाता थे दर्ज
हरियाणा में SIR की प्रक्रिया शुरू होने के समय प्रदेश में करीब 2.06 करोड़ मतदाता दर्ज थे। निर्वाचन विभाग के अनुसार पहले चरण में 20,629 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त कर उन्हें डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया। करीब 1.72 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज किए गए, जबकि 33.84 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में दर्ज नहीं हो सके।
इन मामलों में स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाता, मृत मतदाता, पहले से दर्ज मतदाता, अनुपस्थित पाए गए लोग और अन्य कारणों से फॉर्म जमा नहीं करने वाले मतदाता शामिल हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस संख्या में करीब 13.75 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित, 7.66 लाख मृत, 2.04 लाख पहले से पंजीकृत और 9.36 लाख अनुपस्थित पाए गए मतदाता शामिल थे।
संजय दत्त ने क्या कहा?
संजय दत्त ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर मतदाता रिकॉर्ड में बदलाव होने की स्थिति में सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रत्येक पात्र मतदाता को अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा किसी गलती की स्थिति में दावा या आपत्ति दाखिल करने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि मतदाता सूची महज प्रशासनिक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि चुनाव में भागीदारी का आधार है। इसलिए प्रक्रिया के दौरान जल्दबाजी से बचते हुए हर मामले की उचित जांच किए जाने की जरूरत है।
कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया है कि पार्टी स्तर पर कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर मतदाता सूचियों की निगरानी करने और पात्र मतदाताओं से जुड़े मामलों को सामने लाने के लिए कहा गया है। इससे पहले भी संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने को लेकर कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील कर चुके हैं।
राव नरेंद्र सिंह बोले- आंकड़ों के बजाय वास्तविक स्थिति की जांच जरूरी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि SIR के दौरान किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं मिलने मात्र से उसकी पात्रता पर निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति का सत्यापन और संबंधित नागरिक को अपना पक्ष रखने का अवसर जरूरी है।
उन्होंने खास तौर पर ऐसे नागरिकों के लिए सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत बताई जिन्हें दस्तावेज तैयार करने या चुनावी प्रक्रिया से जुड़े औपचारिक कार्यों को पूरा करने में कठिनाई होती है। कांग्रेस ने गरीब, मजदूर, ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए प्रक्रिया को सुगम बनाने की मांग की है।
SIR की संशोधित समयसीमा क्या है?
हरियाणा में SIR को लेकर निर्वाचन आयोग ने समयसीमा में बदलाव किया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 रखी गई है। इनके निपटारे की प्रक्रिया 28 अक्टूबर 2026 तक चलेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।
आयोग ने समयसीमा बढ़ाने के पीछे मतदाताओं को अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने की बात कही है।







