हरियाणा में भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों पर कांग्रेस का हमला, अशोक अरोड़ा बोले- जनता का भरोसा कमजोर हुआ

Haryana News : हरियाणा कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला है। चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस विधायक एवं पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जनता का भरोसा लगातार कमजोर हुआ है और युवा अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक दल के उप नेता आफताब अहमद, मुख्य सचेतक बीबी बतरा, ओबीसी विभाग के प्रमुख एवं विधायक चंद्रप्रकाश, विधायक नरेश सेलवाल और मीडिया इंचार्ज संजीव भारद्वाज भी मौजूद रहे।
HPSC भर्ती प्रक्रियाओं पर उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और HPSC के माध्यम से होने वाली भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहनती युवा नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। नेताओं ने कहा कि युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार रोजगार के मुद्दे पर गंभीर नहीं दिखाई दे रही।
NEET पेपर लीक को बताया शिक्षा व्यवस्था पर चोट
कांग्रेस नेताओं ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इस घटना ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भरोसे को झटका दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आना शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की घटनाओं के कारण छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
कथित IDFC घोटाले पर निष्पक्ष जांच की मांग
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कथित 600 करोड़ रुपये के IDFC घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कुछ फैसलों के कारण प्रदेश को आर्थिक नुकसान हुआ है और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की कमी दिखाई दी है। कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। नेताओं ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
“भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी”
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता के हितों के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि प्रदेश के कथित आर्थिक नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।






