यमुनानगर में 95 लाख की साइबर ठगी का खुलासा: सिम स्वैप कर खाते से उड़ाई रकम, मुंबई से आरोपी गिरफ्तार
मोबाइल नंबर पर कब्जा कर बैंक खाते से निकाले गए लाखों रुपये, एयरटेल को भेजा गया नोटिस
SIM Swap Fraud: हरियाणा के यमुनानगर में साइबर अपराध का एक बड़ा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने एक कारोबारी का मोबाइल सिम निष्क्रिय कर उसी नंबर का नया सिम जारी करवा लिया और बैंक खाते से 95 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। मामले की जांच कर रही साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है।
अचानक बंद हुआ मोबाइल नंबर, फिर खाते से उड़ गई रकम
साइबर अपराध थाना के जांच अधिकारी विशाल सैनी के मुताबिक, 25 मई को शिकायतकर्ता एवं उत्तर भारत कंपनी के संचालक निर्देश जैन का एयरटेल मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। शुरुआत में इसे सामान्य तकनीकी समस्या समझा गया, लेकिन बाद में पता चला कि उसी नंबर का नया सिम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर सक्रिय कर दिया गया था। चूंकि यह मोबाइल नंबर शिकायतकर्ता के बैंक खाते से जुड़ा हुआ था, इसलिए आरोपियों ने ओटीपी और बैंकिंग सेवाओं का दुरुपयोग करते हुए खाते से 95 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली।
शिकायत के बाद हरकत में आई साइबर पुलिस
बैंक खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने साइबर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू की और डिजिटल ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए एक संदिग्ध तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने मुंबई में छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे गिरोह और रकम के लेन-देन की जानकारी हासिल की जा सके।
एयरटेल को नोटिस जारी
जांच अधिकारी ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि शिकायतकर्ता के नाम पर पंजीकृत मोबाइल नंबर का नया सिम किसी अन्य व्यक्ति को कैसे जारी किया गया। इस संबंध में एयरटेल कंपनी को नोटिस भेजकर पूरी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं सिम जारी करने में किसी की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं थी।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
प्रारंभिक जांच में यह मामला किसी संगठित साइबर गिरोह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस ठगी में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
क्या होता है सिम स्वैप फ्रॉड?
सिम स्वैप फ्रॉड साइबर अपराध का एक ऐसा तरीका है, जिसमें अपराधी किसी व्यक्ति के मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट सिम हासिल कर लेते हैं। इसके बाद बैंक खातों से जुड़े ओटीपी और अन्य सुरक्षा संदेश उनके पास पहुंचने लगते हैं, जिससे वे खातों तक पहुंच बनाकर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं।






