चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री के कार्यक्रम पर बवाल: यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
NEET पेपर लीक मामले को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी, प्रदर्शनकारियों ने इस्तीफे की मांग उठाई
चंडीगढ़। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के चंडीगढ़ दौरे के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर के बाहर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” के नारे लगाते हुए NEET परीक्षा विवाद पर जवाबदेही तय करने की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की कोशिश में रोके गए कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। इसी दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के लिए वहां पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें आगे बढ़ने से रोका, लेकिन कार्यकर्ता प्रदर्शन पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मौके से हटाया।
NEET पेपर लीक को लेकर जताया रोष
यूथ कांग्रेस का कहना है कि हाल ही में सामने आए NEET परीक्षा पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को प्रभावित किया है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता और यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
“संघर्ष जारी रहेगा” का संदेश
हिरासत में लिए जाने के दौरान भी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी जारी रखी। उनका कहना था कि छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन इससे उनकी आवाज कमजोर नहीं होगी।
आपातकाल की वर्षगांठ पर आयोजित था कार्यक्रम
धर्मेंद्र प्रधान जिस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, वह वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था। भारतीय जनता पार्टी की ओर से देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आपातकाल के दौर को याद किया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर साधा निशाना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि उस दौर में नागरिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ उठाया गया कदम बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।







