Export Duty Hike: सरकार ने डीजल और ATF के निर्यात पर बढ़ाया शुल्क, 16 जून से लागू होंगी नई दरें
डीजल पर 14 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 12.50 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी, पेट्रोल को रखा गया बदलाव से बाहर

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क ढांचे में अहम बदलाव करते हुए डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की अधिसूचना जारी कर दी है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार नई दरें 16 जून 2026 से प्रभावी होंगी। वहीं पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
क्या हैं नई दरें?
सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक—
डीजल के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी: 14 रुपये प्रति लीटर
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी: 12.50 रुपये प्रति लीटर
पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क: यथावत, कोई बदलाव नहीं
वित्त मंत्रालय ने 15 जून को जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के माध्यम से इन संशोधित दरों की जानकारी दी है।
सरकार ने क्यों उठाया कदम?
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह फैसला घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और निर्यात व घरेलू आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और मांग में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार समय-समय पर ऐसे कदम उठाती रही है।
तेल कंपनियों पर पड़ेगा असर
निर्यात शुल्क बढ़ने से उन रिफाइनिंग कंपनियों की लागत बढ़ सकती है जो बड़े पैमाने पर डीजल और एटीएफ का निर्यात करती हैं। इससे उनके निर्यात मार्जिन पर दबाव आ सकता है, हालांकि अंतिम प्रभाव वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
16 जून से लागू होंगी नई दरें
सरकारी अधिसूचना के अनुसार संशोधित शुल्क दरें 16 जून 2026 से प्रभावी होंगी। इसके बाद डीजल और एटीएफ का निर्यात करने वाली कंपनियों को नई दरों के अनुसार शुल्क का भुगतान करना होगा।






