1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा, 14 साल बाद बदली फीस; कुछ सेवाओं में ₹2,500 तक की बढ़ोतरी
विदेश मंत्रालय ने जारी किए नए नियम, पासपोर्ट रिन्यूअल और खोए दस्तावेजों की सेवाओं पर भी बढ़ा शुल्क

Passport Fee Hike 2026 : विदेश यात्रा, शिक्षा और रोजगार के लिए पासपोर्ट बनवाने की तैयारी कर रहे लोगों को अब अधिक खर्च करना होगा। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं की शुल्क संरचना में व्यापक बदलाव करते हुए नई दरों की घोषणा की है। संशोधित शुल्क 1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू होंगे। इसके साथ ही पासपोर्ट जारी करने, नवीनीकरण और खोए या क्षतिग्रस्त दस्तावेजों के पुनः निर्गमन से जुड़ी कई सेवाएं पहले के मुकाबले महंगी हो जाएंगी।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पासपोर्ट नियमों में संशोधन कर पुरानी शुल्क सूची को समाप्त कर दिया गया है और नई दरों को लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह बदलाव करीब 14 वर्षों बाद किया गया है।
2012 के बाद पहली बार बदले गए शुल्क
पासपोर्ट सेवाओं की फीस में अंतिम संशोधन वर्ष 2012 में किया गया था। इसके बाद पहली बार सरकार ने शुल्क ढांचे की समीक्षा करते हुए नई दरें तय की हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रशासनिक खर्च, तकनीकी सुविधाओं के विस्तार और सेवाओं के आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
नई फीस लागू होने के बाद सामान्य और तत्काल (Tatkal) दोनों श्रेणियों के आवेदकों को अधिक राशि का भुगतान करना होगा।
सामान्य और तत्काल दोनों सेवाएं हुईं महंगी
36 पृष्ठों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए अब आवेदकों को ₹2,500 शुल्क देना होगा, जबकि पहले यह राशि ₹1,500 थी। वहीं तत्काल सेवा के लिए शुल्क बढ़ाकर ₹5,000 कर दिया गया है।
इसी प्रकार 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के लिए भी शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। बार-बार विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों और पेशेवरों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर सबसे ज्यादा बढ़ा शुल्क
नई शुल्क सूची में सबसे बड़ी बढ़ोतरी खोए हुए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट को दोबारा जारी कराने की सेवाओं में देखने को मिली है। कई श्रेणियों में फीस पहले की तुलना में दोगुनी से अधिक कर दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दस्तावेजों की सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और अनावश्यक री-इश्यू आवेदनों पर भी नियंत्रण लगेगा।
बच्चों के पासपोर्ट पर भी असर
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की फीस में भी संशोधन किया गया है। हालांकि यह बढ़ोतरी वयस्क श्रेणी की तुलना में कम है, लेकिन तत्काल सेवा लेने पर अभिभावकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
नई शुल्क सूची: किस सेवा के लिए कितना देना होगा?
36 पेज का पासपोर्ट (नया या री-इश्यू)
- नॉर्मल: ₹1,500 से बढ़कर ₹2,500
- तत्काल: ₹3,500 से बढ़कर ₹5,000
60 पेज का पासपोर्ट (नया या री-इश्यू)
- नॉर्मल: ₹2,000 से बढ़कर ₹3,500
- तत्काल: ₹4,000 से बढ़कर ₹6,000
36 पेज का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट
- नॉर्मल: ₹1,500 से बढ़कर ₹5,000
- तत्काल: ₹3,500 से बढ़कर ₹7,500
60 पेज का खोया/क्षतिग्रस्त पासपोर्ट
- नॉर्मल: ₹2,000 से बढ़कर ₹6,000
- तत्काल: ₹4,000 से बढ़कर ₹8,500
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का 36 पेज पासपोर्ट
- नॉर्मल: ₹1,000 से बढ़कर ₹1,750
- तत्काल: ₹3,000 से बढ़कर ₹4,250
नाबालिगों का खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट
- नॉर्मल: ₹1,000 से बढ़कर ₹4,250
- तत्काल: ₹3,000 से बढ़कर ₹6,750
1 जुलाई से पहले आवेदन करने वालों को मिल सकती है राहत
नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। ऐसे में जिन लोगों को निकट भविष्य में पासपोर्ट बनवाना या रिन्यू कराना है, वे निर्धारित तिथि से पहले आवेदन कर पुराने शुल्क का लाभ उठा सकते हैं।






