अंबाला में 1857 के शहीदों को मिला सम्मान, अमित शाह ने किया भव्य स्मारक का उद्घाटन; 1260 करोड़ की हाईवे परियोजना भी जनता को समर्पित
गृह मंत्री अमित शाह बोले- 1857 का संग्राम कोई विद्रोह नहीं, बल्कि भारत की आजादी का पहला महासंग्राम था। हरियाणा की युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा 22 एकड़ में बना शहीद स्मारक।

चंडीगढ़/अंबाला, 5 नवंबर। हरियाणा की ऐतिहासिक धरती अंबाला में वीरवार को देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय फिर से जीवंत हो उठा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आजादी की पहली लड़ाई यानी 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की याद में बनाए गए भव्य स्मारक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने 1260 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नेशनल हाईवे-152G के जलबेहड़ा-शाहबाद खंड को भी जनता को समर्पित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि 1857 की क्रांति को केवल विद्रोह कहना उन वीरों के बलिदान का अपमान है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। उन्होंने इस संघर्ष को भारत की स्वतंत्रता का पहला महासंग्राम बताते हुए कहा कि 1857 से 1947 तक चले 90 वर्षों के संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद देश को आजादी मिली।
1857 की क्रांति की धरती को अमित शाह ने किया नमन
अमित शाह ने अंबाला की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि 10 मई 1857 को अंग्रेजी शासन के खिलाफ उठी क्रांति की चिंगारी देखते ही देखते पूरे देश में फैल गई थी। इस आंदोलन ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाकर रख दी थी।
उन्होंने कहा कि इतिहास को सही नजरिए से समझना और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले वीरों की शौर्य गाथाओं को सम्मान मिलना चाहिए।
गृह मंत्री ने वीर कुंवर सिंह के अदम्य साहस को भी याद किया। उन्होंने बताया कि 87 वर्ष की उम्र में भी इस योद्धा ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हार नहीं मानी। उनका बलिदान देशभक्ति और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण है।
22 एकड़ में तैयार हुआ 1857 की क्रांति का भव्य स्मारक
अंबाला में तैयार किया गया यह स्मारक केवल एक इमारत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता के संघर्ष को समझने का आधुनिक केंद्र होगा। करीब 22 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस परिसर में 23 अलग-अलग गैलरियां बनाई गई हैं।
स्मारक की खासियत इसकी आधुनिक प्रस्तुति और ऐतिहासिक संग्रह है। यहां होलोग्राफी, इंटरैक्टिव तकनीक और विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से 1857 की क्रांति की घटनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके अलावा हरियाणा की पारंपरिक कलाओं को भी विशेष स्थान दिया गया है। फुलकारी और सरकंडे से बनी शिल्पकला के नमूनों के साथ परिसर में 2500 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर भी बनाया गया है। यहां लाइट एंड साउंड शो के जरिए दर्शकों को स्वतंत्रता संग्राम के दौर का अनुभव कराने की व्यवस्था की गई है।
अमित शाह ने कहा कि देश के युवाओं को इस स्मारक का भ्रमण करना चाहिए, ताकि वे जान सकें कि आजादी हासिल करने के लिए हमारे पूर्वजों ने कितनी बड़ी कीमत चुकाई थी।
नायब सैनी की कार्यशैली के अमित शाह ने बांधे तारीफों के पुल
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की जमकर सराहना की। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि मुख्यमंत्री भले ही धीमी आवाज और सहज अंदाज में बोलते हों, लेकिन काम करने की गति काफी तेज है।
अमित शाह ने हरियाणा की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वर्ष 2029 में जब भाजपा दोबारा जनादेश मांगने के लिए जनता के बीच जाएगी, तब तक पार्टी अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए गए सभी वादों और गारंटियों को पूरा कर चुकी होगी।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के योगदान से ही अंबाला में इतना बड़ा ऐतिहासिक स्मारक तैयार हो पाया है।
हरियाणा को बताया देश की ताकत का प्रमुख केंद्र
अमित शाह ने हरियाणा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रदेश की मिट्टी का देश के विकास में विशेष योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ने सेना में बड़ी संख्या में जवान देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती दी है। खेलों के मैदान में भी प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। वहीं, कृषि क्षेत्र में हरियाणा के किसानों ने खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दुग्ध उत्पादन और श्वेत क्रांति में भी प्रदेश का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
उन्होंने सरस्वती नदी, वेदों की रचना, भगवान श्रीकृष्ण के गीता संदेश और महाराजा अग्रसेन की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए हरियाणा को गौरवशाली परंपराओं की भूमि बताया।
1260 करोड़ की हाईवे परियोजना से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
अंबाला में आयोजित समारोह के दौरान अमित शाह ने नेशनल हाईवे-152G के जलबेहड़ा-शाहबाद खंड का उद्घाटन भी किया। करीब 1260 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को क्षेत्र के सड़क संपर्क और परिवहन सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस सड़क परियोजना से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने और यातायात व्यवस्था को सुविधाजनक करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
हरियाणा सरकार के कामकाज का भी किया जिक्र
गृह मंत्री ने राज्य में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने कई क्षेत्रों में नई पहल की है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद का दावा।
ऑनलाइन तबादला नीति के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था।
पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व।
परिवार पहचान पत्र योजना की शुरुआत।
गांवों में लाल डोरा व्यवस्था को समाप्त करने की पहल।
न्यायिक संहिता लागू करने में अग्रणी भूमिका।
रेलवे और परिवहन क्षेत्र में आधुनिक परियोजनाओं को बढ़ावा।
उन्होंने नशे के खिलाफ हरियाणा सरकार की कार्रवाई का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
पंजाब की राजनीति और किसानों के मुद्दे पर भी बोले अमित शाह
अपने संबोधन में अमित शाह ने पंजाब की राजनीति और किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को केवल आश्वासन देने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर पंजाब में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात भी कही।







