उत्तराखंड में तूफान का कहर: टिहरी झील में फंसे 30 पर्यटक, SDRF ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने खतरा पैदा कर दिया। टिहरी जिले के डोबरा-चाटी क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान के चलते झील में बने फ्लोटिंग हटमेंट क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे करीब 25 से 30 पर्यटक, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, बीच झील में फंस गए। समय रहते राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना कैसे हुई?
शनिवार शाम अचानक तेज हवा और आंधी ने झील क्षेत्र में तबाही मचा दी। फ्लोटिंग हटमेंट तेज हवाओं के कारण टूटकर बह गए, जिससे वहां मौजूद पर्यटक असहाय स्थिति में फंस गए।
आपदा कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी कहानी
SDRF पोस्ट कोटी कॉलोनी से उपनिरीक्षक नरेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची।
✔️ आधुनिक उपकरणों के साथ तत्काल रेस्क्यू शुरू
✔️ 25–30 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया
✔️ बोट के जरिए सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
सौभाग्य से इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 4 और 5 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिनमें देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर शामिल हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार:
✔️ पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों पर नियंत्रण
✔️ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई
✔️ राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार
✔️ सड़कों के अवरुद्ध होने पर तुरंत बहाली के आदेश
इसके साथ ही ग्राम स्तर तक अधिकारियों को सक्रिय रहने और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।






