नीरज चोपड़ा के साथ पोडियम पर चमका हरियाणा का लाल! आखिरी थ्रो में यशवीर सिंह ने जीता ब्रॉन्ज, जानें संघर्ष से सफलता तक का सफर

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष जैवलिन थ्रो फाइनल में भारत के लिए यादगार पल देखने को मिला। जहां स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता, वहीं युवा खिलाड़ी यशवीर सिंह ने अपने आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत ने जैवलिन थ्रो में दो पदक अपने नाम किए।
आखिरी थ्रो में पलट दी पूरी बाजी
फाइनल मुकाबले के पांच राउंड तक यशवीर सिंह पदक की दौड़ से बाहर नजर आ रहे थे। तीसरे स्थान पर ग्रेनाडा के पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स बने हुए थे। लेकिन छठे और अंतिम प्रयास में यशवीर ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ भाला फेंका, जो 85.41 मीटर दूर जाकर गिरा। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो साबित हुआ और इसी के साथ उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। स्टेडियम तालियों की गूंज से भर उठा और भारत को जैवलिन में दूसरा पदक मिल गया।
कौन हैं यशवीर सिंह?
यशवीर सिंह का जन्म 22 अक्टूबर 2001 को हरियाणा के भिवानी जिले के देवसर गांव में हुआ। खेल के प्रति उनका झुकाव बचपन से ही था। उनके पिता राय सिंह स्वयं राष्ट्रीय स्तर के जैवलिन थ्रो खिलाड़ी और रेलवे में कोच रहे हैं। पिता अपने खेल करियर में वह मुकाम हासिल नहीं कर सके, जिसका सपना उन्होंने देखा था। यही सपना उन्होंने अपने बेटे यशवीर के जरिए पूरा करने का संकल्प लिया और छोटी उम्र से ही उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया।
यह भी पढ़ें : -हरियाणा का यशवीर सिंह बना नया जैवलिन स्टार, आखिरी थ्रो में जीता ब्रॉन्ज़
14 साल की उम्र से शुरू हुई मेहनत
साल 2015 में महज 14 वर्ष की उम्र में यशवीर ने नियमित रूप से जैवलिन थ्रो की ट्रेनिंग शुरू की। रन-अप, ग्रिप और रिलीज तकनीक पर उन्होंने वर्षों तक कड़ी मेहनत की। लगातार अभ्यास का नतीजा यह रहा कि उन्होंने अंडर-18 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीता और देश के उभरते हुए जैवलिन खिलाड़ियों में अपनी पहचान बना ली।
नीरज चोपड़ा का रिकॉर्ड तोड़कर बटोरी सुर्खियां
यशवीर पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर तब चर्चा में आए जब उन्होंने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने 78.68 मीटर का थ्रो कर नया रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया और 2022 में उन्होंने पहली बार 80 मीटर का आंकड़ा पार किया।
एशियाई चैंपियनशिप से कॉमनवेल्थ तक का सफर
अप्रैल 2025 में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यशवीर ने 82.57 मीटर का थ्रो कर पांचवां स्थान हासिल किया। इसके बाद विश्व रैंकिंग के आधार पर उन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई किया। जून 2026 में 83.72 मीटर का थ्रो कर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट पक्का किया और अब अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
भारत को मिला जैवलिन का नया सितारा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले जैवलिन में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद नीरज चोपड़ा थे। लेकिन यशवीर सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिया कि भारत के पास अब भविष्य के लिए एक और मजबूत जैवलिन स्टार तैयार है। यशवीर अब कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो में पदक जीतने वाले भारत के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।
यह भी पढ़ें : -संघर्ष से सफलता तक: जानिए कैसे यशवीर सिंह ने जीता कॉमनवेल्थ ब्रॉन्ज़
‘मुझे और मेरी मां को गालियां दी गईं, फिर भी मैं माफ करता हूं’— PM मोदी का भावुक संदेश







