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RBI के फैसले से होम लोन लेने वालों को बड़ी राहत, जून में नहीं बढ़ेगी EMI

रेपो रेट स्थिर रहने से घर खरीदने का सपना होगा आसान, सरकारी बैंकों में 7.10% से शुरू हो रही ब्याज दरें

Home Loan EMI Update : घर खरीदने की तैयारी कर रहे लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है। इस निर्णय का सीधा फायदा होम लोन लेने वाले ग्राहकों को मिलेगा, क्योंकि फिलहाल उनकी मासिक किस्त (EMI) बढ़ने की संभावना नहीं है। बढ़ती संपत्ति कीमतों के दौर में अधिकांश परिवारों के लिए होम लोन ही घर खरीदने का सबसे बड़ा सहारा बन गया है। ऐसे में ब्याज दरों में स्थिरता नए और मौजूदा दोनों तरह के ग्राहकों के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है।

रेपो रेट स्थिर रहने से क्यों मिली राहत?

रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को ऋण उपलब्ध कराता है। जब यह दर बढ़ती है तो बैंकों की फंडिंग लागत भी बढ़ जाती है, जिसका असर सीधे लोन की ब्याज दरों और EMI पर पड़ता है। इस बार केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और अपनी मौद्रिक नीति का रुख भी संतुलित रखा है। इससे निकट भविष्य में होम लोन महंगे होने की आशंका कम हो गई है।

सरकारी बैंकों में कहां मिल रहा है सस्ता होम लोन?

जून 2026 में कई सरकारी बैंक आकर्षक ब्याज दरों पर होम लोन की सुविधा दे रहे हैं।

बैंकशुरुआती ब्याज दर
बैंक ऑफ इंडिया7.10%
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया7.10%
इंडियन ओवरसीज बैंक7.10%*
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया7.15%
बैंक ऑफ बड़ौदा7.20%
एसबीआई7.25%
केनरा बैंक7.25%

*कुछ विशेष श्रेणी के ग्राहकों के लिए लागू।

निजी बैंकों में क्या हैं ब्याज दरें?

निजी क्षेत्र के बैंक भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी दरों पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं।

बैंकशुरुआती ब्याज दर
आईसीआईसीआई बैंक7.50%
कोटक महिंद्रा बैंक7.60%
एचडीएफसी बैंक7.75%
एक्सिस बैंक8.00% से 11.90% तक

केवल ब्याज दर नहीं, इन बातों पर भी दें ध्यान

विशेषज्ञों के अनुसार होम लोन लेते समय केवल कम ब्याज दर को आधार बनाना उचित नहीं है। ग्राहकों को निम्नलिखित पहलुओं की भी जांच करनी चाहिए:

  • प्रोसेसिंग फीस
  • प्री-पेमेंट चार्ज
  • फोरक्लोजर नियम
  • लोन अवधि
  • फ्लोटिंग या फिक्स्ड ब्याज दर
  • ग्राहक का क्रेडिट स्कोर

कई बार कम अतिरिक्त शुल्क और बेहतर सुविधाओं वाला लोन लंबे समय में अधिक लाभदायक साबित होता है।

बेहतर CIBIL स्कोर से मिलेगा फायदा

यदि आपका क्रेडिट स्कोर मजबूत है तो बैंक आपको कम ब्याज दर पर लोन देने के लिए तैयार हो सकते हैं। आमतौर पर 750 या उससे अधिक CIBIL स्कोर वाले ग्राहकों को बेहतर शर्तों पर ऋण मिलने की संभावना अधिक रहती है।

डिस्क्लेमर: होम लोन की ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं। अंतिम ब्याज दर ग्राहक की आय, क्रेडिट प्रोफाइल, लोन राशि और बैंक की आंतरिक नीतियों पर निर्भर करती है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

Author

  • अमर सिंह | 19 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव | Total TV एवं MH One News के पूर्व वीडियो जर्नलिस्ट | Hindxpress Media House के संस्थापक | Rashtr Khabar डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक एवं एडिटर-इन-चीफ

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