Punjab

अब दूध के साथ होगी बचत भी! मोहाली में शुरू हुई नई व्यवस्था, ₹2 सस्ता मिलेगा वेरका दूध

घर से सिर्फ एक खाली बर्तन ले जाइए, प्लास्टिक से छुटकारा पाइए और हर लीटर पर बचाइए ₹2

Verka Milk Mohali। पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक कचरे को कम करने की दिशा में एक अनोखी पहल शुरू की गई है। अब मोहाली के कुछ उपभोक्ताओं को वेरका दूध पहले से सस्ता मिलेगा। खास बात यह है कि इसके लिए किसी कूपन या ऑफर की जरूरत नहीं होगी, बल्कि ग्राहकों को केवल अपना खाली बर्तन लेकर जाना होगा।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत लोगों को पैकेट वाले दूध की बजाय वेंडिंग मशीन से ताजा दूध उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर कम बोझ पड़ेगा, बल्कि प्लास्टिक प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी।

कैसे मिलेगा ₹2 सस्ता दूध?

नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अपने घर से बर्तन, बोतल या अन्य कंटेनर लेकर वेंडिंग वैन के पास पहुंचेंगे और वहीं से दूध भरवा सकेंगे। इस दूध की कीमत 64 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। वहीं, बाजार में प्लास्टिक पाउच में मिलने वाले वेरका दूध की कीमत 66 रुपये प्रति लीटर है। यानी ग्राहकों को हर लीटर पर सीधे 2 रुपये की बचत होगी।

मोहाली की सोसाइटी में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट

इस योजना की शुरुआत फिलहाल मोहाली की एटीएस कासा एस्पाना आवासीय सोसाइटी से की गई है। यहां एक मोबाइल मिल्क वेंडिंग वैन तैनात की गई है, जो सुबह और शाम दो बार सोसाइटी में पहुंचेगी। अधिकारियों के अनुसार, वेंडिंग यूनिट लगभग 300 लीटर दूध की क्षमता रखती है और मांग बढ़ने पर भविष्य में इसकी संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।

दूध की गुणवत्ता पर नहीं होगा कोई समझौता

कई लोगों के मन में खुला दूध खरीदने को लेकर सवाल हो सकते हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वेंडिंग मशीन से मिलने वाला दूध पूरी तरह ताजा, स्वच्छ और सुरक्षित रहेगा। गुणवत्ता वही होगी जो पैकेट वाले दूध में मिलती है। इसलिए उपभोक्ताओं को कम कीमत पर वही गुणवत्ता वाला दूध उपलब्ध कराया जाएगा।

प्लास्टिक प्रदूषण कम करने की बड़ी पहल

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिंगल-यूज प्लास्टिक पाउचों के उपयोग को कम करना है। रोजाना हजारों दूध के पैकेट इस्तेमाल होने के बाद कचरे में बदल जाते हैं, जिससे पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग इस मॉडल को अपनाते हैं तो प्लास्टिक कचरे में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

एक परिवार सालभर में बचा सकता है 4 किलो प्लास्टिक

अधिकारियों के मुताबिक, यदि कोई परिवार प्रतिदिन लगभग 2 लीटर दूध वेंडिंग मशीन से खरीदता है, तो वह सालभर में करीब 4 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा बनने से रोक सकता है। इसके अलावा, यदि मशीन अपनी पूरी क्षमता से संचालित होती है, तो एक ही सोसाइटी में प्रतिदिन सैकड़ों प्लास्टिक पाउचों के उपयोग को रोका जा सकेगा।

Author

  • अमर सिंह | 19 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव | Total TV एवं MH One News के पूर्व वीडियो जर्नलिस्ट | Hindxpress Media House के संस्थापक | Rashtr Khabar डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक एवं एडिटर-इन-चीफ

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