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Wife के साथ Post Office की इस स्कीम में खोलें Joint Account, हर 3 महीने में मिलेंगे ₹28,699; समझें पूरा कैलकुलेशन

Post Office MIS Scheme: शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच कई निवेशक ऐसी योजनाओं की तलाश करते हैं, जहां बाजार की हलचल का सीधा असर उनके निवेश पर न पड़े और नियमित आय भी मिलती रहे। पोस्ट ऑफिस की Monthly Income Scheme यानी MIS इसी तरह की एक छोटी बचत योजना है, जिसमें एकमुश्त रकम जमा करने के बाद ब्याज के जरिए नियमित आय प्राप्त की जा सकती है।

इस योजना में पति-पत्नी मिलकर Joint Account खोल सकते हैं। ऐसे में निर्धारित सीमा के भीतर अधिक रकम निवेश करने का विकल्प मिलता है। अगर ₹14 लाख का निवेश किया जाए और 8.2 फीसदी सालाना ब्याज की दर मानकर गणना करें, तो हर तीन महीने में करीब ₹28,699 की ब्याज आय बनती है।

₹1,000 से शुरू कर सकते हैं निवेश

Post Office MIS में निवेश की शुरुआत बहुत छोटी रकम से की जा सकती है। इसमें ₹1,000 से खाता खोला जा सकता है। हालांकि, अधिकतम निवेश की सीमा खाते के प्रकार के आधार पर तय होती है।

सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख तक निवेश की सीमा बताई जाती है। यही वजह है कि पति-पत्नी अगर मिलकर निवेश करना चाहते हैं तो Joint MIS Account उनके लिए एक विकल्प हो सकता है।

पति-पत्नी मिलकर ₹14 लाख लगाएं तो कितना मिलेगा?

मान लीजिए पति अपनी बचत से ₹7 लाख और पत्नी भी ₹7 लाख निवेश करती हैं। इस तरह कुल निवेश राशि ₹14 लाख हो जाती है।

अब अगर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज दर के आधार पर कैलकुलेशन करें, तो:

₹14,00,000 × 8.2% = ₹1,14,800 सालाना ब्याज

तीन महीने का ब्याज:

₹1,14,800 ÷ 4 = ₹28,700

यानी गणना के हिसाब से तीन महीने में करीब ₹28,700 ब्याज बनता है। ₹28,699 का आंकड़ा भी इसी के आसपास है।

हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि MIS में ब्याज का भुगतान मासिक आधार पर किया जाता है। इसलिए ₹28,699 को हर तीन महीने की एकमुश्त भुगतान राशि के बजाय तीन महीनों के कुल ब्याज के रूप में समझना चाहिए।

5 साल में कितना ब्याज मिलेगा?

अगर उदाहरण के तौर पर 8.2 फीसदी की ब्याज दर को पूरे पांच साल के लिए समान मान लिया जाए, तो ₹14 लाख पर सालाना ब्याज ₹1,14,800 होगा।

पांच साल में कुल ब्याज:

₹1,14,800 × 5 = ₹5,74,000

यानी इस गणना के मुताबिक पांच साल की अवधि में करीब ₹5.74 लाख ब्याज बनता है।

इसके अलावा मैच्योरिटी पर निवेश की गई ₹14 लाख की मूल राशि वापस मिलती है।

इस तरह मूलधन और पांच साल के ब्याज को जोड़ने पर कुल रकम:

₹14,00,000 + ₹5,74,000 = ₹19,74,000

पूरा कैलकुलेशन एक नजर में

विवरणराशि
पति का निवेश₹7,00,000
पत्नी का निवेश₹7,00,000
कुल निवेश₹14,00,000
ब्याज दर (उदाहरण)8.20%
सालाना ब्याज₹1,14,800
3 महीने का अनुमानित ब्याज₹28,700 के करीब
5 साल का कुल ब्याज₹5,74,000
मैच्योरिटी पर मूलधन₹14,00,000
मूलधन + ब्याज₹19,74,000

5 साल की होती है MIS की अवधि

Post Office MIS में निवेश की अवधि 5 साल होती है। इसमें निवेशक एकमुश्त रकम जमा करता है और उस पर निर्धारित ब्याज के आधार पर नियमित आय प्राप्त करता है।

योजना की अवधि पूरी होने पर मूलधन वापस मिलता है। अगर निवेशक बीच में खाता बंद करना चाहता है, तो इसके लिए अलग नियम और कटौती लागू होती है।

एक साल से पहले नहीं बंद करा सकते खाता

MIS में खाता खोलने के तुरंत बाद पैसा निकालने की सुविधा नहीं होती। खाता खुलने के एक साल के भीतर इसे बंद नहीं कराया जा सकता।

एक साल पूरा होने के बाद समय से पहले खाता बंद कराने पर जमा रकम में निर्धारित कटौती की जाती है।

अगर खाता 3 साल के भीतर बंद कराया जाता है तो जमा रकम पर 2 फीसदी की कटौती का प्रावधान है। वहीं, 3 साल के बाद और 5 साल की मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने पर 1 फीसदी की कटौती लागू होती है।

इसलिए निवेश करने से पहले समय से पहले निकासी के नियमों को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है।

किसके लिए हो सकता है उपयोगी?

जिन लोगों को नियमित आय की जरूरत है और जो बाजार आधारित निवेश की तुलना में तय ब्याज वाली छोटी बचत योजनाओं पर विचार कर रहे हैं, उनके लिए MIS एक विकल्प हो सकती है।

हालांकि, किसी भी निवेश योजना को चुनने से पहले ब्याज दर, निवेश सीमा, टैक्स से जुड़े नियम, लॉक-इन अवधि और समय से पहले निकासी की शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

महत्वपूर्ण नोट: ऊपर ₹28,699 और ₹5.74 लाख की गणना 8.2% ब्याज दर को आधार मानकर की गई है। वास्तविक निवेश से पहले अपने नजदीकी डाकघर से वर्तमान MIS ब्याज दर, निवेश सीमा और भुगतान नियमों की पुष्टि जरूर करें। यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

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